धर्मक्षेत्र
गंगोत्री धाम के बाद अब यमुनोत्री धाम में भी गैर-सनातनियों के प्रवेश पर लगाई रोक, श्रद्धालुओं व सेवाकार्यों से जुड़े लोगों को ही प्रवेश की अनुमति
सीएन, यमुनोत्री धाम। चारधाम यात्रा क्षेत्र में धार्मिक परंपराओं और सनातन आस्था के संरक्षण को लेकर सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। गंगोत्री धाम के बाद अब यमुनोत्री धाम में भी गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को लेकर धार्मिक संगठनों और तीर्थ पुरोहितों के बीच व्यापक समर्थन देखने को मिल रहा है। धार्मिक परिषद और स्थानीय मंदिर समिति की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि यमुनोत्री धाम परिसर में केवल सनातन धर्म को मानने वाले श्रद्धालुओं और सेवाकार्यों से जुड़े लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। समिति का कहना है कि हाल के वर्षों में धार्मिक स्थलों पर परंपराओं के उल्लंघन और अनुचित गतिविधियों की शिकायतें बढ़ी हैं, जिससे आस्था और संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, यह कदम किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं की रक्षा और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने बताया कि धाम की पवित्रता, रीति-रिवाजों और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए भविष्य में और भी नियम लागू किए जा सकते हैं। वहीं, इस फैसले को लेकर प्रशासन की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता है। यदि कोई नया नियम लागू होता है तो उसे संवैधानिक दायरे में रहकर ही लागू किया जाएगा। चारधाम क्षेत्र में लगातार लिए जा रहे ऐसे फैसलों से धार्मिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे परंपरा की रक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे भेदभावपूर्ण निर्णय मान रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

























































