धर्मक्षेत्र
आज 23 जनवरी बसंत का आगमन….ॐ शारदा माता ईश्वरी मैं नित सुमरि तोय हाथ जोड़ अरजी करूं विद्या वर दे मोय….
सीएन, हरिद्वार। आज 23 जनवरी शुक्रवार को ऋतुराज बसंत का आगमन का दिन है। आज तमाम चिंताओं को छोड़ मन प्रफुल्लित रखने का प्रयास करें। मां सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी है। इनकी पूजा करने से व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है साथ ही मान सम्मान में भी वृद्धि होती है। मां सरस्वती को संगीत की देवा भी कहा जाता है। माता सरस्वती का प्राकट्य माघ मास की पंचमी तिथि के दिन हुआ था। इसलिए उस दिन बसंत पंचमी के रुप में मनाया जाता है। इस दिन मां सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। बसंत पंचमी के दिन और रोजाना माता सरस्वती के मंत्रों का जप करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। सरस्वती मंत्र वृद्धि के लिए
इस मंत्र का रोजाना कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः ।
विद्यार्थियों के लिए सरस्वती माता का मंत्र
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥
रोजाना सुबह स्नान के बाद इस मंत्र का जप कम से कम 11,21,51 या 108 बार करें।
इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए अन्य मंत्र
सरस्वत्यै नमो नित्यं भद्रकाल्यै नमो नम:।
वेद वेदान्त वेदांग विद्यास्थानेभ्य एव च।।
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।
विद्यारूपे विशालाक्षी विद्यां देहि नमोस्तुते।।
ॐ शारदा माता ईश्वरी मैं नित सुमरि तोय हाथ जोड़ अरजी करूं विद्या वर दे मोय। इस मंत्र का जप भी रोजाना करना विशेष लाभकारी माना जाता है। परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को विशेष रुप से इस मंत्र का जप जरुर करना चाहिए। साथ ही किसी भी परीक्षा में बैठने से पहले इस मंत्र का जप जरुर करें।
नमस्ते शारदे देवी, काश्मीरपुर वासिनी,
त्वामहं प्रार्थये नित्यं, विद्या दानं च देहि में,
कंबू कंठी सुताम्रोष्ठी सर्वाभरणंभूषिता,
महासरस्वती देवी, जिव्हाग्रे सन्नी विश्यताम् ।।
शारदायै नमस्तुभ्यं , मम ह्रदय प्रवेशिनी,
परीक्षायां समुत्तीर्णं, सर्व विषय नाम यथा।।








































