नैनीताल
भूमियाधार हादसा : 23 घंटे बाद जागे अफसर, नये शौचालय निर्माण को ₹3.87 लाख स्वीकृत, इलाज के लिए भटका छात्र
सीएन, नैनीताल। राजकीय इंटर कॉलेज भूमियाधार में बुधवार को शौचालय की दीवार गिरने से छात्र के घायल होने की घटना के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। करीब 23 घंटे बीतने बाद जिला शिक्षा अधिकारी पुष्कर लाल टम्टा ने स्कूल पहुंचकर प्रधानाचार्य त्रिभुवन अग्रगामी से घटना की जानकारी ली। वहीं घायल छात्र व अभिभावक इलाज को भटकते रहे। मौके पर पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी ने क्षतिग्रस्त दीवार को तत्काल हटाने व पुराने शौचालय को पूर्णतया बंद करने को कहा। जब तक नया निर्माण नहीं हो जाता, तब तक छात्र स्टाफ के शौचालय का उपयोग करेंगे।निरीक्षण के दौरान विद्यालय में उपलब्ध खाली भूमि को नए निर्माण के लिए चयनित किया गया। शिक्षा विभाग ने आधुनिक शौचालय के लिए ₹3.87 लाख के बजट की स्वीकृति दी है। डीईओ ने बताया कि शौचालय का निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा। बता दें कि बुधवार को हादसे के वक्त इंटरवल चल रहा था। जिस समय दीवार गिरी और ईंटें मयंक के सिर पर लगीं, उसी वक्त शौचालय में 10वीं कक्षा का एक अन्य छात्र था। वह चमत्कारिक रूप से बच गया। प्रधानाचार्य त्रिभुवन अग्रगामी की त्वरित कार्वाई के बाद घायल को इलाज के लिए ले जाया गया, वहीं उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद सरकारी. तंत्र हरकत में आया।
इलाज के लिए भटकता रहा घायल, 10 हजार खर्च करने पड़े गरीब परिवार को
नैनीताल। राजकीय इंटर कॉलेज भूमियाधार में बुधवार को शौचालय की दीवार गिरने से छात्र के घायल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था की भी पोल खुली। घायल छात्र मयंक की माता तुला देवी ने बताया कि बुधवार को बेटे के घायल होने के बाद वह प्रधानाचार्य के वाहन से भवाली अस्पताल पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद घायल को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जिसे लेकर वह घर आ गये। गुरुवार को वह बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल ले जाना चाहते थे, लेकिन सीटी स्कैन में डाक्टर व टैक्नीशियन उपलब्ध नही होने के बाद घायल को हल्द्वानी ले जाने के लिए 108 वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया लेकिन वाहन खराब होने की.बात बताई गई। इसके बाद किराये के वाहन से.घायल को हायर सेंटर हल्द्वानी ले जाया गया। फिलहाल मंयक को गंभीर नुकसान नही हुआ है। सरकारी महकमों की गंभीर लापरवाही के चलते उन्हें 10 हजार रूपये खर्च करने पड़े। मंयक गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज बिष्ट सहित ग्रामीणों ने सरकारी लापरवाही के कारण घायल हुए छात्र को उचित मुआवजा देने की मांग की है।





































