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प्यू रिसर्च सेंटर की एक नई रिपोर्ट : 2050 तक भारत में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी होगी
प्यू रिसर्च सेंटर की एक नई रिपोर्ट : 2050 तक भारत में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी होगी
सीएन, नईदिल्ली। प्यू रिसर्च सेंटर की एक नई रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक भारत में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी होगी। इस समय तक भारत, इंडोनेशिया को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश बन जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत में हिंदुओं की आबादी अभी भी सबसे बड़ी रहेगी हालांकि उनका प्रतिशत घटेगा। अभी विश्व में 300 से अधिक धर्म हैं लेकिन जिन लोगों की संख्या ज्यादा है, उनमें ईसाई, मुसलमान, हिंदू, यहूदी, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी धर्म। इसके अलावा भी कुछ धर्म हैं, जिन पर बात होती है जैसे वूडू धर्म। वूडू धर्म की उत्पत्ति अफ्रीका में हुई है और यह धर्म आत्मा और पूर्वजों में विश्वास करता है। इसके अलावा एक अन्य धर्म है जो 19 शताब्दी में अस्तित्व में आया है और जिसका सार यह है कि सभी धर्मों का मूल एक ही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोपीय देशों में भी मुसलमानों की संख्या बढ़ेगी। 2050 तक यूरोप में कुल जनसंख्या का 10 प्रतिशत मुसलमानों का होगा। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि आने वाले दशकों में मुस्लिम आबादी का तेजी से बढ़ना जारी रहेगा और भारत दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश बन जाएगा। विश्व की कुल आबादी लगभग 800 करोड़ है, जिसमें से 31.6 प्रतिशत ईसाई, 25.8 मुसलमान और 15.1 प्रतिशत हिंदू के रूप में ये तीन धर्म सबसे ऊपर थे। लेकिन मुसलमानों की आबादी में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप 2050 तक विश्व में मुसलमान और ईसाइयों की आबादी लगभग बराबर हो जाएगी। मुसलमानों की आबादी में वृद्धि का सबसे प्रमुख कारण उच्च प्रजनन दर होगा। मुसलमानों की आबादी में 73 प्रतिशत युवा होंगे। अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि साल 2050 तक इस्लाम दुनिया का सबसे ज्यादा फॉलो किया जाने वाला धर्म होगा। हालांकि प्यू के डाटा में दुनिया का एक ऐसा क्षेत्र भी है जहां लगभग 9 प्रतिशत मुसलमानों की आबादी कम होगी। हिंदू धर्म 2050 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धर्म बन जाएगा जबकि भारत सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश के रूप में इंडोनेशिया को पीछे छोड़ देगा। प्यू रिसर्च सेंटर के द फ्यूचर ऑफ वर्ल्ड रीजन्स अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि दुनिया भर में हिंदू आबादी 2050 तक लगभग 34 प्रतिशत बढ़ेगी जो 1 बिलियन से थोड़ा अधिक 1.4 बिलियन हो जाएगी।
