उत्तराखण्ड
12 भाजपा व अन्य बड़े नेता जल्द हो सकते हैं कांग्रेस में शामिल, दूसरी खेप तैयार
सीएन, नैनीताल। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले माहौल बनाने की जद्दोजहद जारी है। इस कड़ी में कांग्रेस दलबदल का रास्ता इख्तियार भी कर चुकी है। ऐसा ही रास्ता 2022 क विस चुनावों में भाजपा ने भी अख्तियार किया था और वह पूर्ण बहुमत से चुनाव जीत गई। हांलाकि इस बार बीते दिनों 6 लोगों को कांग्रेस में शामिल कराने के बाद कांग्रेस दो गुटों में बंटती दिखाई दे रही है उससे नही लगता कि कांग्रेस के भीतर कुछ भी ठीकठाक चल रहा है नाराज कांग्रेसी पुरोधा हरीश रावत रामनगर के संजय नेगी को लेकर राजनैतिक अवकाश की बात कह कर कथित अवकाश पर हैं तो वही हरक सिंह रावत व रंजीत रावत सरीखे नेता हरीश रावत पर हमलावर हैं। भाजपा भी कांग्रेस को लेकर आक्रामक है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पहले चरण के बाद अब दलबदल के लिए 12 नेताओं की दूसरी खेप भी तैयार है।खास बात ये है कि पार्टी ने इन नेताओं की संख्या भी घोषित कर दी है। आगामी दिनों में प्रदेश प्रभारी के दौरे के दौरान कुछ बड़ा देखने को मिल सकता है। उत्तराखंड की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं और इसी के साथ दल-बदल का दौर भी अब खुलकर सामने आने लगा है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस राज्य में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए लगातार रणनीति पर काम कर रही है। यदि कांग्रेस के भीतर अब भी एकराय बनी तो निश्चित रूप से पार्टी को इसका फायदा मिल सकता है। पार्टी इसी भरोसे से कदमताल कर रही है। इसी कड़ी में अब कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं की दूसरी खेप तैयार बताई जा रही है, जिसमें 12 नेताओं के नाम पर मुहर लगाने के लिए मंथन चल रहा है। दरअसल, कांग्रेस ने हाल ही में दलबदल के पहले चरण में 6 नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में खासा हलचल देखने को मिली थी. इसकी वजह ये भी रही कि इन 6 नेताओं में से अधिकांश का संबंध बीजेपी से रहा है और वे पूर्व विधायक जैसे प्रभावशाली पदों पर भी रह चुके हैं। ऐसे में इस घटनाक्रम को कांग्रेस के लिए एक मनोवैज्ञानिक बढ़त के तौर पर देखा गया. बीती 28 मार्च को दिल्ली में राज्य के 6 बड़े चेहरों ने कांग्रेस ज्वॉइन की थी। बीजेपी छोड़कर कांग्रेस ज्वॉइन करने वालों में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक नारायण पाल, घनसाली विधानसभा से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल समेत मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, भीमताल से लाखन सिंह नेगी शामिल रहे। दिल्ली में आयोजित इस ज्वॉइनिंग कार्यक्रम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बना और यह संदेश देने की कोशिश की गई कि पार्टी चुनाव से पहले अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक समय ऐसा भी आया, जब पार्टी की अंदरूनी राजनीति चर्चा का विषय बन गई। कांग्रेस के पुरोधा नेता व पूर्व सीएम हरीश रावत की नाराजगी सामने आई है। हालत तो यह हैं कि कभी हरीश रावत की सरकार को अल्पमत में लाने की कोशिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभान वाले कांग्रेसी नेता हरक रावत व कभी हरीश रावत क निकट सहयोगी रंजीत रावत अब हरीश रावत पर ही हमलावर हो गये हैं। यहां बता दें कि वर्ष 2022 जब भाजपा ने दलबदल का रास्ता अख्तियार किया था तो.भाजपा के अंदर नाराजगी थी लेकिन कांग्रेस की तरह घमासान नही था। अब कांग्रेस का घमासान थमेगा तो तभी वह 2027 के विधानसभा चुनावों में अपनी रणनीति तैयार कर सकती है।









































