उत्तराखण्ड
धामी के लिए अहम उनकी कुर्सी, उत्तराखंड की महिलाएं डर में जीने को मजबूर : गरिमा
सीएन, देहरादून। कांग्रेस ने बीते दिन राजधानी देहरादून में दिन दहाड़े एक युवती की निर्मम हत्या करने के बाद सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सीएम पुष्कर धामी सरकार में राजधानी महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित बन गई है। उत्तराखंड कांग्रेस की नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने बढ़ते महिला अपराध और हत्याओं पर राज्य की धामी सरकार को घेरा है। कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दसौनी ने कहा उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून में लगातार सामने आ रही जघन्य हत्याएं धामी सरकार की कानून-व्यवस्था की पूरी तरह पोल खोल रही हैं। विकासनगर में एक युवती की निर्मम हत्या, ऋषिकेश एम्स में कार्यरत एक महिला की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, और देहरादून के मच्छी बाज़ार में सोमवार की सुबह 11 बजे 23 वर्षीय युवती की चापड़ से गला रेतकर हत्या सिर्फ़ 5 दिन में 3 महिलाओं की हत्या ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में कानून नाम की कोई चीज़ बची नहीं है। प्रश्न यह है कि जब राजधानी में दिनदहाड़े अपराधी खुलेआम महिलाओं की हत्या कर रहे हैं, तो प्रदेश की आम महिलाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? गरिमा दसौनी ने कहा क्या धामी सरकार का “सुशासन” सिर्फ़ विज्ञापनों और पोस्टरों तक सीमित है? आज देहरादून में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, पुलिस व्यवस्था लचर है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। महिलाओं के खिलाफ़ बढ़ते अपराध यह साबित करते हैं कि धामी सरकार महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था—दोनों मोर्चों पर पूरी तरह विफल हो चुकी है। दसौनी ने मांग करते हुए कहा कि तीनों मामलों में तत्काल फास्ट ट्रैक जांच हो। दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख़्त सज़ा सुनिश्चित की जाए। राजधानी देहरादून में महिला सुरक्षा को लेकर जवाबदेही तय की जाए। अगर अब भी सरकार नहीं जागी, तो यह साफ है कि धामी सरकार के लिए महिलाओं की जान से ज़्यादा अहम उनकी कुर्सी है। उत्तराखंड की महिलाएं डर में जीने को मजबूर हैं।






























































