उत्तराखण्ड
कुमाऊं आयुक्त के निर्देश पर डीडीए की टीम ने झील किनारे अतिक्रमण को किया ध्वस्त, अभियान आज भी चलेगा
सीएन, नैनीताल। विगत दिनों कुमाऊं आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत द्वारा नैनीताल के खुर्पाताल भ्रमण के दौरान होटल स्वामियों द्वारा प्राधिकरण की भूमि में पाए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाए जाने के निर्देश सचिव जिला विकास प्राधिकरण को दिए गए थे। उक्त निर्देशों के क्रम में जिला विकास प्राधिकरण के सचिव विजय नाथ शुक्ल के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम द्वारा खुर्पाताल क्षेत्र में होटल स्वामियों द्वारा प्राधिकरण की भूमि में किए गए अतिक्रमण को हटाए जाने की कार्यवाही करते हुए अतिक्रमण को हटाया गया। यह जानकारी देते हुए सचिव जिला विकास प्राधिकरण विजय नाथ शुक्ल ने अवगत कराया कि उक्त क्षेत्र में अतिक्रमण को हटाए जाने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। शुक्रवार को भी उक्त भूमि से अतिक्रमण को हटाया जाएगा। यहां अब सवाल प्राधिकरण पर भी उठना लाजिमी है की जब अतिक्रमण. कर भवन तैयार हो जाते हैं तब तक प्राधिकरण के आलाधिकारियों को भनक तक नही लगती। जब भनक लगती है तो जिम्मेदार लोगों का वेतन रोक दिया जाता है। वेतन से कहीं अधिक वह पैसा डकार चुके होते हैं। यह खेल पूरे उत्तराखंड में चल रहा है। हकीकत तो यह है की अतिक्रमण करनेवाले लोग उत्तराखंड के बाहरी धनाढ्य लोग हैं। इन्हें शासन के सख्त भू कानून की परवाह है और नही कोर्ट के आदेशों की। शायद दिल्ली देहरादून तक में इनका सिक्का चलता है। अब आप सख्त भूकानून का ढिढोरा पीटते रहो। खुर्पाताल तो बानगी भर है। जहां न केवल सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया बल्कि हाईकोर्ट के उन आदेशों को धत्ता बता कर झील की 30 मीटर परिधि में भवन खड़े कर दिये गये।





































