अंतरराष्ट्रीय
ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष से भारत पर गंभीर आर्थिक व सामरिक असर पड़ने की आशंका
सीएन, दिल्ली। ईरान इजरायल व अमेरिका का संघर्ष और तेज होता जा रहा। इसका भारत पर गंभीर आर्थिक व सामरिक आसर पड़ने की आशंका है। कच्चे तेल कीमतों में भारी उछाल से देश में पेट्रोल-डीजल और महंगाई बढ़ सकती है, जबकि खाड़ी क्षेत्र में तनाव से 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और रेमिटेंस पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा, समुद्री व्यापार मार्गों में बाधा से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (विशेषकर फल-सब्जियां) प्रभावित हो सकते हैं, जिससे महंगाई बढ़ने और रुपया कमजोर होने का डर है। ईरान के करीब होने और वहां से 50 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात होने के कारण, आपूर्ति बाधित होने से भारत में ईंधन और ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं। दुबई पोर्ट (जेबेल अली) पर कंटेनरों के फंसने से कृषि उत्पादों और अन्य सामानों के निर्यात पर असर पड़ा है। पश्चिम एशिया में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, और युद्ध की स्थिति में बड़े रेस्क्यू ऑपरेशंस की आवश्यकता पड़ सकती है। भारतीय रुपया कमजोर हो सकता है और चालू खाता घाटा (सीएडी) बढ़ने का खतरा है। अनिश्चितता के कारण शेयर बाजार और निवेश पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वाणिज्य मंत्रालय ने आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की है। नाविकों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।






























