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नैनीताल

साल में 13 सौ भूकंप आए मंगल की धरती में, अब नासा 27 अक्टूबर को खोलने जा रहा कई रहस्य

सीएन, नैनीताल। दो दिन बाद नासा लाल ग्रह मंगल के कई रहस्य उजागर करने जा रहा है। जिसमे मंगल की धरती के भूगर्भीय स्थिति, भूकंप ,  सतह के ऊपरी भाग व इसके कोर यानी केंद्र की स्थिति समेत कई अन्य ऐसी जानकारियां देने जाने की संभावना है, जो चौंकाने वाली होंगी। जिनके बारे में जानने के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों में बेहद उत्सुकता है। मंगल पर मानव बस्ती बसाने का सपना पृथ्वीवासियों का है। क्योंकि रहनेयोग्य यही एकमात्र ग्रह है, जिसमें हमारी उम्मीदें टिकी हुई हैं। इस दिशा में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा कई दशकों से गहनता के साथ कार्य कर रहा है। लिहाजा 27 अक्टूबर को नासा का मंगल की जमी को लेकर होने जा रहा खुलासा महत्वपूर्ण हो जाता है। बहरहाल नासा इनसाइट, मार्स टोही ऑर्बिटर फाइंडिंग्स द्वारा जुटाई गई जानकारियों को मीडिया के साथ साझा करेगा। एक महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि मंगल की धरती में 4 साल में 13 सौ भूकंप रिकॉर्ड किए हैं।धूल से ढक चुका है इनसाइट मार्स लैंडर  नासा के इनसाइट मार्स  लैंडर के सोलर पैनल धूल से ढक गए हैं।  जिससे चलते इसकी क्षमता में निरंतर गिरावट आ रही है। नासा के इस मिशन ने मंगल की धरती पर 2018 में पहुंचा था और तभी से मंगल के असमान से लेकर पाताल तक, हर जगह की जांच परख कर जानकारियां पृथ्वी तक पहुंचाई, जो हमारे लिए बेहद उपयोगी थी। मार्स लैंडर के कार्य का लोहा दुनिया के वैज्ञानिकों ने माना ।

27 अक्टूबर 2022 का इंतजार

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नासा 27 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे EDT बजे वर्चुअल मीडिया ब्रीफिंग की मेजबानी करेगा। एजेंसी के इनसाइट मार्स लैंडर और मार्स रिकोनिसेंस ऑर्बिटर (एमआरओ) दोनो मिशन के जरिए हासिल हुई जानकारियों को साझा करने जा रहा है। एमआरओ द्वारा की गई खोज का अध्ययन नासा के वैज्ञानिक कर चुके हैं। माना जा रहा है कि यह जानकारियां बेहद महत्वपूर्ण हैं। जिनके आधार पर मंगल के अगले मिशन की तैयारी तय की जा सकेंगी। साथ ही मंगल पर क्या कुछ नया किया जाना जरूरी है, इसका मार्ग मार्ग तय किया जा सकेगा।धूल से ढक चुका है लैंडर नासा इनसाइट की स्थिति पर प्रकाश डालेगा और उसकी सौर ऊर्जा स्थिति पर भी अपडेट देगा। मंगल की धरती की खाक छान रहा नासा का लैंडर अब धूल से ढक चुका है। इसके कार्य करने की क्षमता काफी कम हो चुकी है। लैंडर ने अपनी अंतिम सेल्फी की तस्वीर 24 अप्रैल को भेजी थी। बहरहाल नासा वर्चुअल ब्रीफिंग नासा के टेलीविजन, ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब के साथ-साथ एजेंसी के ऐप पर लाइवस्ट्रीम भी होगी।

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इनसाइट व एमआरओ मिशनसे जुड़े नासा के तमाम अधिकारी व वैज्ञानिक होंगे मीडिया से होंगे रूबरू1

लोरी ग्लेज़, नासा के ग्रह विज्ञान प्रभाग, नासा मुख्यालय के निदेशक।2- ब्रूस बैनर्ड्ट, इनसाइट प्रमुख अन्वेषक, दक्षिणी कैलिफोर्निया में नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी।3- लिलिया पोसियोलोवा, एमआरओ, ऑर्बिटल साइंस ऑपरेशंस मालिन स्पेस साइंस सिस्टम्स, सैन डिएगो, कैलिफ़ोर्निया में नेतृत्व करते हैं।4- इंग्रिड डबर, इनसाइट इम्पैक्ट साइंस लीड, ब्राउन यूनिवर्सिटी, प्रोविडेंस, रोड आइलैंड।

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4 साल में 13 सौ भूकंप रिकॉर्ड किए इनसाइट ने

इनसाइट  लगभग चार वर्ष साल मंगल की भूमि पर घूमता रहा। जिसमें खासकर मंगल की धरती का मौका मुआयना करता रहा। चार साल के अंतराल में इनसाइट ने मंगल 1,300 से अधिक भूकंपों का पता लगाया है। अब अगले कुछ महीनों में मिशन समाप्त हो जाएगा। इधर नासा के दूसरे मिशन एमआरओ की उपलब्धियों की बात करें तो इसने 2006 से मंगल की कक्षा से उसके  वायुमंडल, सतह और उपसतह का अध्ययन किया है। इस अंतरिक्ष यान में  कैमरों, स्पेक्ट्रोमीटर और रडार ने मंगल की सतह, प्राचीन तरल पानी के स्थानों और पहले अज्ञात उपसतह बर्फ पर सक्रिय परिवर्तनों के बारे में अनेक जानकारियां जुटाई है।

श्रेय व फोटो: NASA/JPL-

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