नैनीताल
नैनीताल के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र खूपी में बाहरी बिल्डरों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यो को संयुक्त मजिस्ट्रेट ने रुकवाया
कमलेश बिष्ट, नैनीताल। मंडल मुख्यालय नैनीताल से मात्र 12 किलोमीटर दूरी पर भूमियाधार के भूस्खलन प्रभावित खूपी गांव में विस्थापित लोगों ने अपनी जमीन बाहरी बिल्डरों को बेचनी शुरू कर दी है। जिसके चलते इस संवेदनशील गांव में बिल्डरों द्वारा बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों का कार्य किया जा रहा है। गांव के कुछ विभीषण इन बिल्डरों को शह दे रहे हैं। आपको बतादे की जिला प्रशासन ने खूपी क्षेत्र को डेंजर जोन घोषित किया गया है। वहां से एक दर्जन परिवारों को घर खाली करने को कहा है। इसके उलट बाहरी लोग प्रशासन के फिल्ड कर्मचारियों की मिली भगत से खुलेआम भारी निर्माण कर रहे हैं। मालूम हो कि पिछले वर्ष ही भू-धंसाव के कारण घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई है थी। वहीं पिछले वर्ष डीएम वंदना सिंह ने क्षेत्र का निरीक्षण भी किया जिसके बाद जिला प्रशासन ने लोगों विस्थापन के लिए कहा था वही खूपी क्षेत्र में बाहरी बिल्डरों द्वारा बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों का कार्य किया जा रहा है, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी की गई। संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में हो रहे को कार्यों में रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में फिर से कार्य होता है तो कार्य करने और करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि अगर दोबारा कार्य होता है तो वह धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।























































