नैनीताल
नैनीताल शहर के अंदर टैक्सी बाइकें नहीं चली, स्थानीय लोगों व सैलानियों ने ली राहत, सड़कें रही सूनी
नैनीताल शहर के अंदर टैक्सी बाइकें नहीं चली, स्थानीय लोगों व सैलानियों ने ली राहत, सड़कें रही सूनी
सीएन, नैनीताल। आज शुव्रवार से नैनीताल शहर के अंदर टैक्सी बाइकें नहीं चली। प्रशासन ने माल रोड में टैक्सी बाईकों को पार्क करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। बीते रोज प्रशासन व विभिन्न संगठनों की बैठक में निर्णय लेने के बाद आज पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। हल्द्वानी व कालाढूंगी से आने वाले टैक्सी बाईकों को भी शहर में प्रवेश नही करने दिया गया। लिहाजा आज जहां माल रोड सूनी दिखाई दी वहीं शहर के अन्य मार्ग भी खाली दिखाई दिये। लगातार अराजकता हावी रहने वाले नैनीताल शहर में पहली बार स्थानीय लोगों व पर्यटकों ने बड़ी राहत ली है। मालूम हो कि बीते दिन प्रशासन व विभिन्न संगठनों की बैठक बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल ने पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में पर्यटन कारोबारियों ने कहा कि शहर में ऐसी व्यवस्थाएं की जाए कि जिससे न तो स्थानीय लोगों को दिक्कत हो, न पर्यटकों को। बैठक में प्रतिबंधित टैक्सी बाइकों के दौड़ने से यातायात प्रभावित होने का मुद्दा भी छाया रहा। प्रशासन ने प्रतिबंधित टैक्सी बाइकों को सख्ती के साथ शहर से हटाने की बात कही। संयुक्त मजिस्ट्रेट अग्रवाल ने बताया कि नैनीताल में 2017 से पूर्व की 82 टैक्सी बाइकें ही शहर के अंदर चलेंगी। इसके बाद पंजीकृत बाइकें शहर में प्रतिबंधित रहेंगी। सभी प्रतिबंधित टैक्सी बाइकों को शहर के बाहर ही चलाया जाएगा। इधर नैनीताल के टैक्सी बाइक संचालकों का कहना है कि उत्तराखंड के नैनीताल में इन दिनों टैक्सी चालकों पर रोजगार का संकट मंडराने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए साल 2017 के बाद पंजीकृत टैक्सी बाइक्स का संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। जिस वजह से नैनीताल में टैक्सी संचालकों के सामने रोजगार का संकट मंडरा रहा है। नैनीताल में इस समय लगभग 500 से ज्यादा टैक्सी बाइक का संचालन किया जा रहा है। जिनमें से कई गाड़ियां मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लोगों को दी गई हैं। ऐसे में अगर टैक्सी गाड़ियों का संचालन शहर में बंद होता है तो लोगों के लिए रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।
