विधि
इलेक्टोरल बॉन्ड पर एसबीआई को सुप्रीम कोर्ट से झटका, कल शाम तक देना होगा सारा डेटा
इलेक्टोरल बॉन्ड पर एसबीआई को सुप्रीम कोर्ट से झटका, कल शाम तक देना होगा सारा डेटा
सीएन, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में भारतीय स्टेट बैंक को बड़ा झटका दिया है। दरअसल कोर्ट ने इन इलेक्टोरल बॉन्ड्स की जानकारी सार्वजनिक करने के लिए 30 जनवरी की मोहलत मांगी थी, लेकिन सीजेआई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच उसकी याचिका की सुनवाई करते हुए 12 मार्च यानी कल शाम तक इन बॉन्ड्स की सारी जानकारी चुनाव आयोग के हवाले करने का आदेश दिया। एसबीआई की याचिका पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पांच जजों की बेंच ने सोमवार को सुनवाई की। इस मामले एसबीआई की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने दलील दी कि इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने की तारीख और खरीदने वाले का नाम एक साथ उपलब्ध नहीं है, उसे कोड किया गया है। उसे डिकोड करने में समय लगेगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताते हुए कई गंभीर सवाल किए। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने एसबीआई बैंक से कई सख्त सवाल पूछे। सीजेआई चंद्रचूड़ ने साल्वे से पूछा, हमारे आदेश के 26 दिनों के बाद से आपने क्या किया, इसकी जानकारी आपको अपनी याचिका में देनी चाहिए था। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा यह बेहद गंभीर मामला है। यह संविधान पीठ का आदेश है। आपको कोर्ट के आदेश के मुताबिक काम करना होगा। आपको चुनाव आयोग के साथ जानकारी साझा करनी होगी। हमने अपने फैसले के तहत एक सीधी जानकारी देने के लिए कहा था, एसबीआई को इसका पालन करना चाहि।
एससी-अगर किसी ने बॉन्ड खरीदा है तो उसके लिए केवाईसी जरूरी थी।
ैएसबीआई-हां हमारे पास जानकारी है।
ैएसबीआई-हमारे पास सब जानकारी है, किसने खरीदा है, किस राजनीतिक पार्टी को गया है।
ैैएसबीआई-किसने बॉन्ड खरीदा ये बताना आसान है। लेकिन बॉन्ड नंबर के साथ नाम बताने में समय लगेगा।
एससी-हमारे फैसले के आलोक में आपने अब तक क्या किया है। हमें इसकी पूरी जानकारी चाहिए।
ैएसबीआई-हम इसको लेकर एक डिटेल हलफनामा दायर करेंगे।
एससी-पिछले 26 दिनों में आपने क्या किया है, ये बताए।
एससी-आपको कोर्ट के आदेश के मुताबिक काम करना होगा। आपको जानकारी चुनाव आयोग के साथ साझा करनी होगी।
एससी-ये बेहद गंभीर मामला है, संविधान पीठ का आदेश है।
इस बीच जस्टिस संजीव खन्ना ने सवाल किया कि एसबीआई को केवल सील्ड कवर को खोलना है, दिक्कत कहां है, इस पर एसबीआई की तरफ से पेश हरीश साल्वे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से एक स्पष्टीकरण चाहते हैं। बॉन्ड का नंबर, नाम और कितने का बॉन्ड है ये जानकारी हम अगले तीन हफ्ते में दे सकते हैं।
इस पर सीजेआई ने कहा कि असिस्टेंट जनरल मैनेजर ने अर्ज़ी दाखिल कर संवैधानिक कोर्ट के आदेश में छूट मांगी है। साल्वे ने बताया कि इसी अधिकारी को ये कार्य करना है। कृपया थोड़ा समय दे दें। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाना शुरू किया तो वहां मौजूद प्रशांत भूषण ने कुछ बोलने की कोशिश की। इस परसीजेआई ने कहा कि पहले आदेश सुन लें, कुछ बचे तो आप बाद में बोलिएगा। सीजेआई ने फैसला सुनाते हुए कहा, इलेक्टोरल बांड्स योजना के प्रावधान में भी है कि कोर्ट के मांगने पर एसबीआई को जानकारी देनी होगी। 12 मार्च यानी कल शाम तक इन बॉन्ड्स की सारी जानकारी चुनाव आयोग के हवाले करें।











































