उत्तराखण्ड
सरकार की मौन स्वीकृति, अधिकारियों का भ्रष्ट आचरण : दानवरूपी मशीनों से बाहरी बिल्डरों का पहाड़ों की छाती चिरना जारी
सीएन, नैनीताल। आखिर उत्तराखंड में हो क्या रहा है। सरकार की मौन स्वीकृति, अधिकारियों का भ्रष्ट आचरण, दिल्ली दरबार का दबाव से दानवरूपी मशीनों से बाहरी बिल्डरों ने पहाड़ों की छाती चिरना जारी रखा है। रात दिन अवैध कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। इस खुली लूट में उत्तराखंड की नदियां भी जार-जार रो रही है।अवैध खननकर्ताओं ने नदियों को उजाड़ने की सरकार से जैसे सुपारी ही ले रखी है। उत्तराखंड के एक पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान.में भाजपा के सांसद संसद में खुलेआम खनन को लेकर आरोप सरकार पर लगा रहे हैंको। उत्तराखंड को प्रॉपर्टी डीलरों और खनन माफियाओ ने बर्बाद कर दिया है। नैनीताल जिला इसका उदाहरण बना हुआ है । जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल और वन और राजस्व विभाग के जनपद नैनीताल में बैठे अधिकारी भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं आज भीमताल भी जोशीमठ बनने की कगार में आ चुका है और जेसीबी मशीन दिन-रात देवभूमि भीमताल के पहाड़ों को नष्ट कर रही है कोई देखने वाला नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता व भीमताल निवासी विकास भारती ने आक्रोश जताते हुए कहा है कि यह सब आज सरकार व अधिकारियों के गठजोड़ से ही मुमकिन हो रहा है। उन्होने कहा कि कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत अपना महत्वपूर्ण सरकारी समय यूट्यूब में वीडियो डालने में लगे हुए हैं और भीमताल के बिल्डरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। तथाकथित भू कानून लागू होने के बाद यह मर्ज अब रात भर परवान चढ़ रहा है।
