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उत्तर प्रदेश

नैनी झील की सर्वाधिक गहराई 24.6 व कम गहराई चार मीटर पाई गई

आईआरएस व इसरो देहरादून की सर्वे रिपोर्ट लोगों को संतोष देने वाली
चन्द्रेक बिष्ट, नैनीताल।
नैनी झील के दीर्घकालिक संरक्षण एवं आन्तरिक प्रोफाईल विकसित किये जाने, झील की अन्तरजलीय संरचना, जैव विविधिता स्थिति एवं पारिस्थिक तन्त्र, पेयजल शुद्धता का विस्तृत विश्लेषण एवं परीक्षण के लिए आईआरएस संस्थान व इसरो देहरादून के वैज्ञानिकों के दल द्वारा किये गए सर्वे की रिपोर्ट नैनी झील व शहरवासियों को संतोष देने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार ठंडी सड़क की ओर झील की गहराई 22 से 24.6 मीटर है। जबकि झील की न्यूनतम गहराई चार मीटर और औसत गहराई नौ मीटर है। मालूम हो कि इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा बैथीमेट्री विश्लेषण कार्य के अन्तर्गत वाटर डेप्थ मैपिंग व लेक बैड प्रोफाईलिंग, झील का विस्तृत जल गुणवत्ता विश्लेषण, पीएच लेवल, ऑक्सीजन, टीडीएस, क्लोरीन, टर्बिडिटी, सेलेनिटी आदि परीक्षण किये गये। झील के काॅन्टूर मैपिंग के अनुसार झील की गहराई न्यूनतम चार से सात मीटर, अधिकतम 24.6 मीटर प्राप्त हुई तथा औसतन नौ मीटर प्राप्त हुई तथा पानी का टीडीएस 300 से 700 मिली ग्राम प्रति लीटर प्राप्त हुआ जो पानी की अच्छी गुणवत्ता को दर्शाता है।
यूएन द्वारा की जायेगी नैनी झील के पानी की सतत् निगरानी
नैनीताल। इसरो के बैथीमेट्री स्टडी परिणामों को यूनाइटेड नेशन को उनके द्वारा प्रस्ताव बनाकर भेजा गया। यूएन द्वारा झील के पानी की सतत् निगरानी के लिए 55 लाख की परियोजना स्वीकृत कर दी गयी है। जिसका अतिशीघ्र क्रियान्वयन किया जायेगा। किसी झील का साइंटिफिक एवं प्रामाणिक डाटा उपलब्ध कराये जाने पर यूएन द्वारा भारत में पहली बार किसी झील की स्टडी प्रोजेक्ट लिया गया है। यूएन द्वारा वित्तीय एवं तकनीकी कार्य निःशुल्क किये जायेंगे। यह प्रोजेक्ट लगभग 55 लाख रूपये का होगा, जिसका शीघ्र एमओयू भी किया जायेगा। यूएन द्वारा झील के दोनो छोर (तल्लीताल मल्लीताल) पर जहाॅ पेयजल हेतु पम्प लगे हैं पर पानी की गुणवत्ता की माप हेतु सेंसर लगाये जायेंगे। साथ ही जनता को झील के पानी की गुणवत्ता की जानकारी देने हेतु तल्लीताल गाॅधी मूर्ति के पास पानी की गुणवत्ता प्रदर्शित करने के लिए माॅनीटर व एलईडी लगाया गया है।
78 हजार बिन्दुओं की गहराई मापते हुए काॅन्टूर लेक प्रोफाईल तैयार
नैनीताल।
इन परीक्षणों में इसरो वैज्ञानिकों द्वारा पहली बार नैनी झील की 78 हजार बिन्दुओं की गहराई मापते हुए काॅन्टूर लेक प्रोफाईल तैयार कर रिपोर्ट दी गयी। झील के पानी की गुणवत्ता के आकड़ों को पहली बार जीआईएस प्रोफाईल पर प्रदर्शित करते हुए झील के विभिन्न स्थानों पर पानी की गुणवत्ता का मानचित्रीकरण किया गया। इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा सर्वे के उपरान्त डाटा उपलब्ध कराया गया, जिसे जिला प्रशासन के जीआईएस सेल द्वारा परिशोधन करके महत्वपूर्ण परिणाम ज्ञात किये गये।
झील के पानी के टीडीएस से पानी की अच्छी गुणवत्ता पता चला
नैनीताल।
नैनी झील के पानी की गुणवत्ता के आकड़ों को पहली बार जीआईएस प्रोफाईल पर प्रदर्शित करते हुए झील के विभिन्न स्थानों पर पानी की गुणवत्ता का मानचित्रीकरण किया गया। इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा सर्वे के उपरान्त डाटा उपलब्ध कराया गया, जिसे जिला प्रशासन के जीआईएस सेल द्वारा परिशोधन करके महत्वपूर्ण परिणाम ज्ञात किये गये। झील के पानी का टीडीएस 300 से 700 मिली ग्राम प्रति लीटर प्राप्त हुआ जो पानी की अच्छी गुणवत्ता को दर्शाता है। पानी का डीओ अधिकतम 7.5 मिलीग्राम प्रति लीटर व न्यूनतम 6-7 मिली ग्राम प्रतिलीटर मिला। इसरो के माध्यम से प्रतिवर्ष मानसून से पहले व मानसून के बाद वर्ष में दो बार झील के पानी का परीक्षण कराया जायेगा।

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