अंतरराष्ट्रीय
कराची में मारा गया कंधार प्लेन हाईजैक में शामिल आतंकी
आतंकी जहूर मिस्त्री पहचान छिपाने के लिए बन गया था व्यापारी
सीएन, नईदिल्ली। कंधार प्लेन हाईजैक में शामिल आतंकी जहूर मिस्त्री की पाकिस्तान के कराची में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. जहूर अपना नाम बदलकर कराची में व्यापारी बनकर रह रहा था. वह वर्ष 1999 में एयर इंडिया के विमान आईसी-814 के अपहरण में शामिल था. अखुंद कराची की अख्तर कॉलोनी के अंदर स्थित क्रिसेंट फर्नीचर का मालिक था. जहूर की तरह पाकिस्तान में कई टॉप आतंकियों ने शरण ली हुई है. न्यूज 9 के सूत्रों के हवाले से बताया है कि मिस्त्री कई सालों से फर्जी पहचान के तहत कराची में रह रहा था. वह कराची के अख्तर कॉलोनी में फर्नीचर का काम कर रहा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक कई आतंकियों ने उसकी अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया है. जियो टीवी ने इस रिपोर्ट की पुष्टि की है.जहूर की हत्या के साथ ही पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के पांच अपहरणकर्ताओं में से केवल अब दो ही जीवित बचे हैं, जिनमें मसूद अजहर के बड़े भाई इब्राहिम अजहर और एक अन्य आतंकवादी रउफ असगर शामिल हैं. 25 दिसंबर, 1999 को जहूर मिस्त्री ने 25 वर्षीय रूपिन कात्याल की बेरहमी से हत्या कर दी थी और उनके शरीर को संयुक्त अरब अमीरात में अपहृत विमान से बरामद किया गया था. अपहरण के दिन वह अपनी पत्नी के साथ काठमांडू में हनीमून के बाद दिल्ली लौट रहे थे. रिपोर्टों के मुताबिक जहूर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था और वह एक कारोबारी के रूप में पाकिस्तान में छिपा हुआ था. जैश के इस आतंकवादी पर हमला करने वाले दो हमलावर बाइक से आए थे. सीसीटीवी फुटेज में ये दोनों हमलावर दिखाई दिए हैं. इन दोनों ने अपने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था इसलिए उनकी पहचान नहीं हो पाई.24 दिसंबर 1999 को हाईजैक हुआ भारतीय विमान
इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी-814 को 24 दिसंबर 1999 को नेपाल की राजधानी काठमांडू से अपहरणकर्ताओं द्वारा कब्जे में ले लिया गया था. इस विमान को काठमांडू से दिल्ली जाना था लेकिन अपहरणकर्ता इसे कंधार, अफगानिस्तान ले गए. उस वक्त अफगानिस्तान में तालिबान का राज था. कंधार में प्लेन लैंड होने से पहले अमृतसर, लाहौर और दुबई भी पहुंचा था.



























































