धर्मक्षेत्र
आज 31 मार्च को है महावीर जयंती : जिन्होंने दिया था अहिंसा, ब्रह्मचर्य, सत्य, अपरिग्रह व अचौर्य के पांच व्रतों का पालन करने का संदेश
सीएन, नैनीताल। भगवान महावीर का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर हुआ था। ऐसे में जैन धर्म के लोग इस तिथि को महावीर जयंती के रूप में मनाते हैं। मान्यता है कि महावीर देवता जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उन्होंने हमेशा समाज को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया। जैन धर्म के लोग महावीर जयंती का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन विशेष रूप से प्रभात फेरी, शोभ यात्रा और अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। भगवान महावीर का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर हुआ था, जिसकी शुरुआत इस बार 30 मार्च, सोमवार को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर होगी। वहीं, अगले दिन यानी 31 मार्च, मंगलवार को सुबह 6 बजकर 57 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 31 मार्च को महावीर जयंती का त्योहार मनाया जाएगा। महावीर भगवान को उन 24 लोगों में से एक माना जाता है जिन्होंने कठिन तपस्या करने के बाद आत्मज्ञान प्राप्त किया। महावीर स्वामी ने 12 वर्षों तक लगातार कठोर तपस्या की थी। तप, जप और मौन के द्वारा महावीर भगवान ने अपनी इंद्रियों पर काबू पाया। इसके पश्चात, ज्ञान प्राप्त किया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। इस शुभ अवसर पर जैन धर्म के लोग मंदिरों में महावीर देवता का सोने व चांदी के कलश से अभिषेक करते हैं। इसके बाद, शोभ यात्रा निकाली जाती है। महावीर स्वामी ने कहा था, मनुष्य के दुखी होने का कारण उसकी खुद की गलतियां हैं। जो मनुष्य अपनी गलतियों पर काबू पा लेता है, वही सच्चे सुख को प्राप्त कर सकता है। मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है अहिंसा। हमें हमेशा जियो और जीने दो संदेश को मानना चाहिए। हर जीवित प्राणी के प्रति अपने मन में दया भाव रखना ही अहिंसा होता है। घृणा की भावना से हम स्वयं का विनाश करते हैं और यह दूसरों के लिए भी कष्टकारी हो सकती है। असल में शत्रु हमारे अंदर ही रहते हैं। ये शत्रु- द्वेष, लालच, घमंड, क्रोध और नफरत है। खुद पर विजय प्राप्त करना लाखों शत्रुओं पर विजय पाने से उत्तम होता है। भगवान महावीर द्वारा बताए गए 5 प्रमुख सिद्धांत अहिंसा, ब्रह्मचर्य, सत्य, अपरिग्रह और अचौर्य के पांच व्रतों का पालन करना है

































