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आज है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस : हर साल लगभग 8 लाख लोग करते हैं सुसाइड
आज है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस : हर साल लगभग 8 लाख लोग करते हैं सुसाइड
सीएन, नैनीताल। दुनियाभर में आत्महत्या के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग स्ट्रेस और डिप्रेशन जैसी बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग जिंदगी से हार मानकर मौत को गले लगा लेते हैं। यह कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन की अवधि में एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में हर 40 सेकेंड में कोई न कोई अपनी जान लेता है। लगभग 75 प्रतिशत मामले निम्न और मध्यम आय वाले देशों से सामने आते हैं। 2019 में 1.3 प्रतिशत मौतें आत्महत्या के कारण हुईं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, आत्महत्या एक वैश्विक घटना है, जो 2019 में मृत्यु का 17 वां प्रमुख कारण था। हालांकि सुसाइड के बढ़ते केस को रोकने के लिए हर साल 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल लगभग 8 लाख लोग सुसाइड के जरिए अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। वहीं सुसाइड करने वाले लोगों की फेहरिस्त में ज्यादातर युवा शामिल हैं। जिनकी उम्र 15 से 29 साल के बीच होती है। ऐसे में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की शुरुआत
इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन ने साल 2003 में पहली बार 10 सितंबर के दिन विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाने की शुरुआत की थी। इस इवेंट को वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ और वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन ने स्पॉन्सर किया था। वैश्विक मंच पर इस पहल को काफी सराहना मिली थी। जिसके बाद अगले साल 2004 में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने औपचारिक रूप से विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस को स्पॉन्सर किया था। तब से हर साल 10 सितंबर को वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे मनाया जाता है। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस लोगों को आत्महत्या के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दौरान आत्महत्या करने वाले लोगों के व्यवहार पर रिसर्च करने से लेकर डाटा कलेक्ट करने और लोगों को आत्महत्या करने से रोकने जैसी चीजों पर चर्चा की जाती है। जिससे लोगों में आत्महत्या को लेकर जागरुकता बढ़ती है और वो दूसरों को भी ऐसे गंभीर कदम उठाने से रोक सकते हैं। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस दुनिया के अलग.अलग कोनों में मनाया जाता है। इनमें से ज्यादातर इवेंट्स को विश्व स्वास्थय संगठन स्पॉन्सर करता है। इस दिवस की मदद से ना सिर्फ लोगों में जागरुकता बढ़ती है बल्कि लोगों को सुसाइड संबंधित विचार त्यागने में भी मदद मिलती है। वहीं भारत सहित कई देशों की सरकारें भी इस पहल में मदद करती है। सुसाइड का ख्याल आने पर लोग सरकार के हेल्पलाइन नम्बर पर कॉल करके फ्री काउंसलिंग सेशन अटेंड कर सकते हैं।






























































