क्राइम
उत्तराखंड : उधार के डेढ़ लाख रुपये लौटाने से बचने के लिए अपने दोस्त को नशे की ओवरडोज देकर कत्ल कर डाला
सीएन, हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर पुलिस ने सहजल उर्फ साहिल हत्याकांड का खुलासा करते हुए उसके एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने उधार के डेढ़ लाख रुपये लौटाने से बचने के लिए अपने दोस्त को नशे की ओवरडोज देकर मार दिया था। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि 27 दिसंबर को रायवाला निवासी वैशाली देवी ने अपने 25 वर्षीय बेटे सहजल उर्फ साहिल भदौरिया की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार, साहिल 24 दिसंबर को अपने दोस्त के साथ लालपुल ज्वालापुर आया था, जिसके बाद वह लापता हो गया। 30 दिसंबर को साहिल का शव लालपुल के पास झाड़ियों में मिला। इसके बाद हत्या की धाराएं जोड़ते हुए पुलिस जांच शुरू की गई। एसएसपी के निर्देश पर गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी आर्य गिरि निवासी दुर्गाघाट श्मशान घाट रोड खड़खड़ी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और साहिल दोस्त थे और नशे के आदी थे। आरोपी पर सहजल के डेढ़ लाख रुपये बकाया थे। इसी रकम से बचने के लिए उसने नशे की जानलेवा डोज दी। आरोपी की निशानदेही पर नशे में प्रयुक्त इंजेक्शन, सिरिंज और प्लास्टिक रेपर बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी को मेडिकल परीक्षण के बाद कोर्ट में पेश किया। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि आरोपी और मृतक सहजल आपस में दोस्त थे। दोनों पहले कपड़ों के कारोबार में साझेदारी कर चुके थे। उसी दौरान आरोपी ने सहजल से करीब डेढ़ लाख रुपये उधार ले रखे थे। रुपये लौटाने से बचने के इरादे से आरोपी ने साजिश रची। उसने स्मैक और दवा को मिलाकर खतरनाक डोज तैयार की। पहले खुद थोड़ी मात्रा ली और फिर पूरी डोज सहजल को दे दी। आरोपी को यह पहले से पता था कि इतनी अधिक मात्रा जानलेवा हो सकती है। डोज लेने के बाद सहजल बेहोश होकर गिर पड़ा। तब उसे मृत समझकर आरोपी उसका स्कूटर लेकर मौके से फरार हो गया।
रायवाला थाना क्षेत्र के हरिपुरकलां शांति मार्ग निवासी वैशाली देवी पत्नी दीपक भदौरिया की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवक की तलाश शुरू की थी। इसी बीच झाड़ियों से शव कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। शव मिलने के बाद परिजनों ने साहिल की हत्या का आरोप उसके दोस्त पर लगाते हुए कोतवाली में हंगामा किया। तबके हालात को देखते हुए पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को हत्या में तब्दील कर जांच तेज कर दी थी। अब खुलासा भी हो गया।


















































