धर्मक्षेत्र
नैनीताल में लोसर के दूसरे दिन भी सुखनिवास मठ में सामूहिक पूजा हुई व तिब्बती बाजार बंद रहा
सीएन, नैनीताल। तिब्बती समुदाय का प्रमुख पर्व लोसर (तिब्बती नव वर्ष) इस वर्ष 18 से 20 फरवरी तक पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस पर्व के अवसर पर शहर के सुख निवास पर स्थित बौद्ध मठों में धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। 20 फरवरी को बौद्ध मठ में सामूहिक पूजा होगी। आज गुरुवार को दूसरे दिन भी सुखनिवास मठ में सामूहिक पूजा हुई तथा तिब्बती बाजार बंद रहा। मालूम हो कि नैनीताल में लोसर के मौके पर बौद्ध मठ में भिक्षुओं द्वारा विधि-विधान से पूजा, मंत्रोचार और शांति प्रार्थनाएं की जाती हैं। इस अवसर पर बौद्ध मठ क्षेत्र में स्थापित विशाल धार्मिक ध्वज को भी परंपरा के अनुसार नववर्ष के स्वागत और शुभ ऊर्जा के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया जाता है। लोसर पर्व के दौरान तिब्बती परंपरा के अनुसार सामूहिक प्रार्थना, सांस्कृतिक अनुष्ठान और शुभकामनाओं की शुरुआत की जाती है। लोग अपने घरों और पूजा स्थलों की विशेष साफ-सफाई कर उन्हें सजाते हैं और नए की मंगलकामना करते हैं।
तिब्बती बाजार एसोशिएशन के सचिव येशी थुप्टेन ने बताया कि इस तिब्बती पंचांग के अनुसार 2153 वां नववर्ष आरंभ हो रहा है और यह वर्ष अग्नि अश्व वर्ष है। इस नववर्ष का तत्व अग्नि को माना जाता है और इसका प्रतीक चिन्ह घोड़ा है, जिसे ऊर्जा, गति और प्रगति का संकेत माना जाता है। लोसर त्योहार पर शहर का तिब्बती और भोटिया बाजार भी पूरी तरह से बंद रहा। उन्होंने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले इस पर्व के अवसर पर शहर के सुख निवास पर स्थित बौद्ध मठों में धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। 20 फरवरी शुक्रवार को बौद्ध मठ में सामूहिक पूजा होगी।
























































