नैनीताल
क्वैराला के बाखली में पानी की आपूर्ति न होने से 700 मीटर दूर गधेरे से पानी ढो रहे ग्रामीण, आयुक्त के दरबार में पहुंचा मामला
सीएन, हल्द्वानी। जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जनता की समस्याओं में भूमि विवाद, धोखाधड़ी से धनराशि हड़पने, अवैध निर्माण, ई-रिक्शा फिटनेस, पारिवारिक विवाद, सड़क मरम्मत, पेयजल आदि जैसे गम्भीर मामलों पर त्वरित कार्यवाही की। शनिवार को हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान आयुक्त कुमाऊँ मंडल ने जनता द्वारा रखे गए विभिन्न प्रकरणों पर सुनवाई की और कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया। जनसुनवाई मेें नैनीताल शहर में वर्तमान मे 24 ई-रिक्शा संचालित है लेकिन ई-रिक्शा का मैनुवल फिटनेस नही होने से ई-रिक्शा संचालकों ने मैनुवल फिटनेस कराने का अनुरोध किया। जिस पर आयुक्त ने आरटीओ को मुख्यालय से पत्राचार कर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिये। मदन सिंह जनपद अल्मोडा, लमगड़ा ने बताया कि उन्होंने महेन्द्रा कम्पनी से लोन लेकर वाहन लिया था लेकिन लोन कि किस्त समय से जमा नही करने पर कम्पनी द्वारा वाहन उठा लिया गया और कुछ समय बाद कंपनी द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को वाहन विक्रय कर दिया गया, उक्त व्यक्ति द्वारा वाहन अपने नाम ट्रांसफर नहीं कराने के कारण अभी भी वाहन उनके नाम पर ही संचालित है, जो भी चालान वाहन के होते हैं वह सभी उनके नाम आ रहे हैं। जिस पर आयुक्त ने महिन्द्रा कम्पनी के अधिकारियों को तलब कर शीघ्र समस्या का समाधान करने के निर्देश दिये। मुकुल ऐरी ग्राम क्वैराला ने गांव के तोक बाखली में पानी की आपूर्ति न होने से लोगों को 700 मीटर दूर गधेरे से पानी ढोना पड रहा है। वर्तमान में तोक में सात परिवार निवासरत हैं। आयुक्त ने इस सम्बन्ध में नोडल अधिकारी जेजेएम को उक्त की जांच कर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिये। ब्लाक प्रमुख केडी रूबाली ने विकास खण्ड ओखलकांडा की समस्याओं के बारे में अवगत कराया, जिसके अन्तर्गत हरीशताल लोहाखामताल क्षेत्र के पर्यटन से जोडने एवं सेलाखेत नालशन,सुनकोट, काफली, बजवालगांव, कुकना तक 37 किमी मोटर मार्ग का मररम्त कराने का अनुरोध किया। आयुक्त ने कहा कि शीघ्र ही मोटर मार्ग का उनके द्वारा निरीक्षण किया जायेगा विभागीय लापरवाही होने पर सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। आयुक्त ने कुमाऊ में सभी जनपदों में जंगली जानवरों द्वारा लोगों पर काफी मात्रा में हमला होने पर गम्भीरता से लेते हुये वन विभाग को निर्देश दिये कि प्रोएक्टिव होकर कार्य करें तथा पीड़ित लोगों को तत्काल मुआवजा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वन भूमि से लगे गांव जो नाप भूमि पर हैं, उन लोगों के हक-हकूब वहां की जमीन में है लकडी व चारे लोगों को मिल जाए, इसकी समुचित व्यवस्था हो। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवर सक्रिय हैं, उन क्षेत्रों में गश्त बढाई जाए। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि जंगल में कम से कम जाएं जाते भी हैं तो सामुहिक रूप में वन विभाग के संज्ञान में लाते हुए बडे जांए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए ताकि इस प्रकार की घटनायें रोकी जा सकें। इस दौरान भूमि से संबंधित विवाद अधिक संख्या में प्राप्त होने पर कुमाऊँ आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि भूमि खरीद में जल्दबाज़ी न करें और संपूर्ण दस्तावेजी सत्यापन के बाद ही लेनदेन करें, ताकि स्वयं को आर्थिक नुकसान एवं कानूनी जटिलताओं से बचा सकें।




















































