उत्तराखण्ड
उत्तराखंड : अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर आरबीआई की ओर से लेन-देन पर रोक लगाए जाने के बाद ग्राहकों में मचा हड़कंप
सीएन, देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से लेन-देन पर रोक लगाए जाने के बाद ग्राहकों में हड़कंप मच गया है। इस पाबंदी के कारण देहरादून में बैंक के करीब नौ हजार ग्राहकों के 124 करोड़ रुपये फंस गए हैं। अपनी जमा पूंजी डूबने की आशंका से आक्रोशित ग्राहक दर्शन लाल चौक के पास स्थित बैंक की मुख्य शाखा पर पहुंचे और हंगामा किया। स्थिति बिगड़ते देख बैंक कर्मचारियों ने पुलिस को बुलाया। बाद में पुलिस की मध्यस्थता और बैंक अध्यक्ष के आश्वासन के बाद ग्राहक शांत हुए। आरबीआई ने जनहित और जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा का हवाला देते हुए बैंक पर छह महीने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। जैसे ही यह खबर ग्राहकों तक पहुंची, उनमें अपनी मेहनत की कमाई को लेकर चिंता बढ़ गई। सोमवार के बाद मंगलवार को भी बड़ी संख्या में ग्राहक अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पहुंचे, लेकिन वहां बैंक अध्यक्ष और सचिव मौजूद नहीं थे। इससे नाराज ग्राहकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने बैंक के अध्यक्ष को मौके पर बुलाने की मांग की। इस दौरान अचिन गुप्ता, रजत अग्रवाल, दीपेंद्र कोटनाला, मुकेश कुमार, अहसान अली, अशोक कुमार, जितेंद्र बिष्ट, सचिन कुमार, नमन अग्रवाल, अशोक शर्मा, असलम अली, महेंद्र रावत, नरेंद्र बत्रा और नरेश थापा मौजूद रहे। बैंक में कई ठेकेदारों का पैसा भी जमा है। जिसमें कुछ ए श्रेणी के ठेकेदार भी हैं। ठेकेदारों का करीब 60 करोड़ रुपये जमा है। ठेकेदार बैंक पहुंचे तो जमा पैसा नहीं मिल पाया। जिस कारण ठेकेदार मजदूरों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष मयंक ममगाई ने कहा कि बैंक में 2013-14 में कुछ अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच चल रही है। आरबीआई ने अस्थायी रोक लगाई है। जमाकर्ताओं की पूंजी सुरक्षित है। परेशान होने की जरूरत नहीं है। जैसे ही आरबीआई की गाइडलाइन मिलेगी लेन-देन शुरू कर दिया जाएगा। ग्राहकों का दावा है कि सभी खाताधारकों के कुल 124 करोड़ रुपये बैंक में जमा हैं। उन्होंने मांग की है कि आरबीआई और प्रशासन जल्द से जल्द उनकी जमा पूंजी वापस दिलाने की व्यवस्था करें।

























































