धर्मक्षेत्र
आज 29 मार्च को है साल का पहला सूर्य ग्रहण : भारत में सूतक काल नहीं लगेगा, नवरात्रि पूजा पर असर नही
आज 29 मार्च को है साल का पहला सूर्य ग्रहण: भारत में सूतक काल नहीं लगेगा, नवरात्रि पूजा पर असर नही
सीएन, प्रयागराज। साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को है और इसके अगले दिन चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं इसलिए लोगों के मन में शंका पैदा हो गई है कि ये नवरात्रि शुभ नहीं है लेकिन इस तरह के विचार आप अपने मन में ना लाएं क्योंकि सू्र्य ग्रहण देश में प्रभावी नहीं है इसलिए इसका सूतक काल नहीं लगेगा और ना ही नवरात्रि की पूजा पर इसका असर पड़ेगा। वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण शनिवार 29 मार्च 2025 को होगा। यह भारतीय ग्रहण समय के अनुसार दोपहर 2.20 बजे शुरू होगा, जबकि इसका अधिकतम प्रभाव 4.17 बजे होगा और यह 5.43 बजे समाप्त होगा। अमेरिकी समय के अनुसार ग्रहण सुबह 4.50 बजे शुरू होगा, शाम 6.47 बजे चरम पर और 8.43 बजे समाप्त होगा। बता दें कि 29 मार्च को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण नॉर्थर्न क्यूबेक, ईस्टर्न और नॉर्थर्न कनाडा, नॉर्थईस्टर्न यूनाइटेड स्टेट्स, अफ्रीका का कुछ हिस्सा, साइबेरिया, कैरिबन और यूरोप में दिखेगा। धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण को अशुभ घटना माना जाता है और सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल लगता है। सूतक लगने से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक कुछ कामों को करने की मनाही होती है। साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा और इसलिए यहां सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। क्योंकि जहां ग्रहण दिखता है सूतक भी वहीं मान्य होता है। मालूम हो कि सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है लेकिन ज्योतिषियों के मुताबिक इसका असर राशियों पर पड़ता है इसलिए इस दौरान कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। दरअसल सूर्य ग्रहण के बाद वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, जिसे नवरात्रि के पावन दिनों में देवी दुर्गा की उपासना से समाप्त किया जा सकता है। इसलिए सूर्य ग्रहण के बाद शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रि आत्मशुद्धि और नकारात्मकता को समाप्त करने सबसे सही वक्त है, इस दौरान आप पूरे सच्चे मन से मां की उपासना करें, आपको सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होगी। सूर्य ग्रहण के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा, व्रत और हवन करना विशेष फलदायी होता है। ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। ॐ दुं दुर्गायै नमःश् और ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमःश् मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है। ग्रहण के दौरान पकाया गया भोजन नवरात्रि में न करें, यह अशुद्ध माना जाता है। क्रोध, ईर्ष्या और किसी का अपमान करने से बचें। नवरात्रि के दौरान मांसाहार, नशा और तामसिक भोजन न करें। कटु वचन न बोलें रात में सोने से पहले मां दुर्गा का ध्यान करें।
