नैनीताल
जल संरक्षण, प्राकृतिक संवर्धन और प्रभावी सिंचाई तकनीकी के साथ किसानों की आय दोगुना करने पर जिलाधिकारी का फोकस
जल संरक्षण, प्राकृतिक संवर्धन और प्रभावी सिंचाई तकनीकी के साथ भी किसानों की आय दोगुना करने पर जिलाधिकारी का फोकस
सीएन, हल्द्वानी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में स्प्रिंग एवं रिवर पुनरुद्धार प्राधिकरण (सारा), उत्तराखंड जलवायु अनुकूल वाराही कृषि परियोजना की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में परियाजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य जनपद में *किसानों की आय को दोगुना करना है* साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, जल स्रोतों का संरक्षण व संवर्धन करना है। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना अंतर्गत *परंपरागत रूप से जनपद के जिस क्षेत्र में मौसम के अनुकूल जो भी उत्पादन व पैदावार होती है उस क्षेत्र में उन्नत प्रजाति के बीजों का प्रयोग कर कृषि उत्पादन को बढ़ावा दिया जाय। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि *इन परियोजनाओं से लाभार्थियों की जीवन शैली में बदलाव लाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, उनके जीवन शैली में सुधार लाना है, इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाय।* जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण एवं जल संवर्धन हेतु जो भी कार्य हों उनमें सीमेंट कंक्रीट का बिल्कुल भी उपयोग न किया जाए कच्चे कार्य हों, इन क्षेत्रों में चौड़ी पत्ती वाले पौधों का अधिकाधिक रोपण किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि जहॉं भी नए भवनों के निर्माण में रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथी बरसाती पानी को एकत्रित करने हेतु टैंकों का निर्माण किया जाए सभी क्षेत्रों में बरसात के पानी को आधिकारिक मात्रा में रोके जाने हेतु कार्य कराया जाए। ताकि भूजल स्तर बढ़े। जिलाधिकारी ने रीप परियोजना की समीक्षा के दौरान कहां कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से स्वरोजगार को बढ़ाए जाने हेतु पशुपालन, कृषि क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाए। लोगों को स्वरोजगार से जोड़े जाने हेतु कार्य किया जाए।उन्होंने कहा कि अमृत सरोवरों की गुणवत्ता, धारे–नौले का संरक्षण, तथा प्राकृतिक शैली में जल स्रोतों के संवर्धन और पुनर्जीवन को हर हाल में प्राथमिकता दी जाए। साथ ही जल संचयन, जन भागीदारी, एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भूमिका को सशक्त करने पर भी बल दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, फ्लड इरिगेशन को कम करने तथा ड्रिप, स्प्रिंकलर जैसी प्रभावी सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बैठक में उप निदेशक जलागम परियोजना ने अवगत कराया कि सारा परियोजना अंतर्गत लघु सिंचाई विभाग को 37 रिचार्ज साफ्ट व 10 रिचार्ज पिट बनाए जाने हेतु 36.44 लाख रुपया और अवमुक्त किए गए हैं इसी के साथ ही भालूगाड़ जल प्रपात को रिचार्ज करने के लिए 1 करोड़ 32 लाख वन विभाग, भूमि संरक्षण, विकासखंड धारी एवं रामगढ़ को अवमुक्त किए गए हैं। इसी के साथ ही वन विभाग नैनीताल को 66.15 लाख रुपए शिप्रा नदी पुनर्जनन कार्य हेतु दिए गए हैं। उन्होंने अवगत कराया कि उत्तराखंड जलवायु अनुकूल वाराही कृषि परियोजना अंतर्गत जनपद में 77 ग्राम पंचायत के 180 राजस्व गांव में कार्य किए जाने हेतु एक कार्य योजना तैयार की जा रही है। बैठक में जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, उप निदेशक जलागम डॉ एस के उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

















































