नैनीताल
हल्द्वानी होंडा शोरूम से मंगल पड़ाव व कालाढूंगी चौराहे से कठघरिया तक सड़क चौड़ीकरण को चिन्हित अतिक्रमण हटाया जायेगा
सीएन, हल्द्वानी। एडीबी वित्त पोषित उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी, यूयूएसडीए के द्वारा हल्द्वानी शहर के अंतर्गत किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की शुक्रवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा कैंप कार्यालय हल्द्वानी में संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि हल्द्वानी में परियोजना अंतर्गत किए जाने वाले सभी कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण हो इस हेतु कार्य कर रही सभी निर्माण एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ पूर्ण गुणवत्ता, मितव्ययिता, पारदर्शिता व समयबद्धता के साथ स्थानीय नागरिकों का विशेष ध्यान रखते हुए इन कार्यों को सम्पन्न कराएं। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल जिला प्रशासन को अवगत कराएं। जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी मानसून से पूर्व सड़क, मार्ग समेत खुदाई वाले जितने भी कार्य होने हैं वह कर लिए जाय ताकि स्थानीय जनता को किसी भी तरह की समस्या न हो। इस हेतु मैनपॉवर बढ़ाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व में भी निर्देश दिए गए हैं कि कार्य करने के उपरांत कहीं पर भी सड़क अधिक समय तक खुदी न रहे उसे तत्काल ठीक कराया जाए। जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाय। इस दौरान एडीबी के अधिकारियों द्वारा वर्तमान में नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जहॉं परियोजना अंतर्गत कार्य गतिमान हैं उन क्षेत्रों में निर्माण सामग्री हेतु बड़े वाहनों की रोकथाम व उनके प्रवेश की अनुमति न मिलने की समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। इस संबंध में जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री ले जाने हेतु वाहनों की अनुमति विभिन्न प्रतिबंधों के अनुसार जिसमें सुरक्षा के व यातायात के मानकों के अनुरूप शीघ्र ही प्रदान की जाए ताकि निर्माण कार्य न रुके। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना अंतर्गत नगर के जिन-जिन स्थानों में वर्तमान में कार्य किए जा रहे हैं उन सभी क्षेत्रों में सुरक्षा के पूर्ण उपाय किए जाएं,जगह-जगह चेतावनी बोर्ड,बैरियर आदि लगाए जाय, ताकि जनता को सही जानकारी मिले और कार्य भी सुरक्षित रूप से सम्पन्न हों। इस दौरान एडीपी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया की नगर के देवखड़ी नाले में भी सुरक्षात्मक कार्य होने हैं उससे पूर्व नाले से मलवा, बोल्डर आदि भी उठाए जाने हैं इस संबंध में जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी एवं परियोजना प्रबंधक यूयूएसडीए को शीघ्र ही नाले की सफाई कराते हुए जो भी कार्य किए जाने हैं वर्षात से पूर्व करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध रूप से कार्य किए जाए। जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को निर्देश दिए कि वह समय समय पर किए जा रहे इन सभी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रगति से उन्हें भी अवगत कराएंगे। बैठक में हल्द्वानी नगर अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों तीनपानी से होंडा शोरूम तक व होंडा शोरूम से मंगल पड़ाव व कालाढूंगी चौराहे से कठघरिया समेत अन्य क्षेत्रों में जहां भी सड़क बाइंडिंग एवं चौड़ीकरण आदि का कार्य होना है और इस क्षेत्रों में पूर्व से चिन्हित अतिक्रमण को हटाया जाना है ,इस संबंध में जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट को संबंधित विभागों एवं स्थानीय लोगों के साथ वार्ता एवं समन्वय करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्य को संपन्न कराए जाने में कोई भी समस्या आती है तो तत्काल अवगत कराना सूचित करें। कार्यों को सरलीकरण व समय बद्धता के साथ सम्पन्न कराएं। जो भी कार्य प्रारंभिक किए गए हैं वह समय पर पूर्ण हो जनता की सुविधा को ध्यान में रखते कार्य किया जाए। जिलाधिकारी ने यूयूएसडीए के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए की कार्यों में धीमी प्रगति होने पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सम्य नहीं होगी। बैठक में कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए यूयूएसडीए के परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह ने अवगत कराया कि परियोजना अंतर्गत सभी कार्यों को दिसम्बर 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है उसके अनुरूप तेजी से कार्य किया जा रहा है। वर्तमान तक 136 किलोमीटर सड़क रेस्टोरेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 389 किलोमीटर में पेयजल लाइन बिछा दी गई है। 15459 घरों को पेयजल संयोजन से जोड़ दिया गया है 66 किलोमीटर सीवरेज का कार्य पूर्ण करने के साथ ही 2960 मेन होल व 4999 चैंबर का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त बैठक मे भी जमरानी बांध परियोजना अंतर्गत नगर में सिंचाई नहर चौड़ीकरण कार्य व विद्युत पोल सिफ्टिंग आदि कार्यों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए गए। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, जमरानी बांध परियोजना के उप महाप्रबंधक ललित कुमार सेमत यूयूएसडीए, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, जल संस्थान, विद्युत आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
















































