नैनीताल
अंकिता के हत्यारोपियों के नाम सार्वजनिक करने में विफल सरकार, सीबीआई को जांच सौंपने को भी तैयार नहीं, दुखद व आश्चर्यजनक : खष्टी बिष्ट
सीएन, नैनीताल। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर फाँसी की सजा दिए जाने की माँग को लेकर नैनीताल जिला महिला कांग्रेस के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल नैनीताल विधायक सरिता आर्या से मिला और ज्ञापन दिया। ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की दूसरी पत्नी, उर्मिला सनावर , अभिनेत्री के कथित बयानों और वीडियो वायरल होने से प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष ख़ष्टी बिष्ट कहा कि पुलिस की संदिग्ध भूमिका और सत्ताधारी पार्टी के अड़ियल रवैये से कुछ नामचीन लोगों को बचाने के लिए उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए जो इस बेटी अंकिता की निर्मम हत्याकांड से ताल्लुक़ रखते हैं। उन्होंने बताया कि माननीय विधायक को इस संदर्भ में चार बिंदुओं का ज्ञापन दिया गया जिसमें पुलिस के ढुलमुल रवैये पर नाराज़गी, सत्ता पक्ष की चुप्पी, मामले को सीबीआई जाँच में दिए जाने , तथा माँगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। अपने वक्तव्य में श्रीमती बिष्ट कहा कि आख़िर पूरी सरकार मौन क्यों है? यहाँ तक कि महिला विधायकों ,की संवेदना भी सूख गई है। विधानसभा की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठी अध्यक्षा का ऐसे संवेदनशील मामले में चुप रहना घोर निराशाजनक है। उन्होंने पूछा कि पहाड़ की बहन , बेटियां कब तक असुरक्षित रहेंगी ? उनकी सुरक्षा के ज़िम्मेदार लोग मौन क्यों हैं? इस प्रतिनिधिमंडल में धनी दुमका, जया कपिल, माया पंत, निशा बिष्ट, अंजू चौधरी, ममता बिष्ट, शोभा आर्या, गीता , ममता पांडे, तुलसी बिष्ट, रचना, सुरभि, कंचन और सुमन आदि महिलाएं उपस्थित रहे। उन्होंने दुख और आश्चर्य ज़ाहिर करते हुए कहा कि, न तो सरकार आरोपियों अपराधियों का ख़ुलासा ही कर पा रही है और ना ही मामले को, सीबीआई जांच को सौंप रही है, जो उनके दोहरे चरित्र को दिखाता है।
















































