नैनीताल
नवनिर्वाचित जिपं अध्यक्ष दीपा कल एक सितंबर को लेंगी शपथ, जनपदवासियों को बड़ी अपेक्षाएं
सीएन, नैनीताल/हल्द्वानी। नैनीताल जिला पंचायत की नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल कल यानि एक सितंबर को 22 वें अध्यक्ष के रूप में शपथग्रहण करेंगी। उनके सामने अलग भौगोलिक परिस्थितियों वाले नैनीताल जिले के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में सामजस्य रखना बड़ी चुनौती होगी। हालांकि उनके पास तीन इंजन की सरकार होने का सुनहरा मौका भी हैं लिहाजा दीपा दरम्वाल से जनपदवासियों को बड़ी अपेक्षाएं हैं। विशेषकर पंचायत की आय को बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़े का निष्पादन करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार पर्यटन की गतिविधियां बढ़ रही हैं। इससे कूड़ा निष्पादित करना व कर वसूली सबसे बड़ी चुनौती है। जिला पंचायत के समक्ष आय में बढ़ोतरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़े के ठोस निष्पादन, सड़क, गूल व अन्य जनहित के विकास कार्य करने का भी दायित्व निभाना है। मालूम हो कि जिला पंचायत नैनीताल में इस बार दीपा दरम्वाल को महिला के रूप में पांचवें अध्यक्ष बनने का मौका मिला है। उनके समक्ष चुनौतियां तो हैं, साथ ही नए कार्य करने के अवसर भी हैं। एक सितंबर यानी सोमवार को दीपा दरम्वाल शपथ ग्रहण के बाद अपना विधिवत कार्य भार संभालेंगी। इधर कार्यभार संभालने से पूर्व ही उन्होंने अपनी कार्य योजनाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड बनने के बाद दीपा दरम्वाल नैनीताल जिला पंचायत के अध्यक्ष बनने वाली पांचवीं महिला हैं। इससे पूर्व कमलेश शर्मा, बेला तोलिया, सुमित्रा प्रसाद जिला पंचायत अध्यक्ष का निर्वहन कुशलता पूर्वक कर चुकी हैं। नैनीताल जिला पंचायत नैनीताल का अपना स्वर्णिम इतिहास रहा है। जिला पंचायत के चैयरमैन के रूप में अंग्रेजी शासन काल से ही स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर दिग्गज राजनैतिक लोगों ने अपनी सेवाएं दी हैं। इनमें रायबहादुर जगन्नाथ पांडे, इन्द्र सिंह नयाल, श्याम लाल वर्मा, शिवनारायण सिंह नेगी, सोबन सिंह दरम्वाल, आरपी जोशी व कुंवर सिंह नेगी शामिल रहे हैं।नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल को पंचायत की राजनीति विरासत में मिली है, वह पूर्व में स्वयं पंचायत प्रतिनिधि रह चुकी हैं उनके ससुर स्व. प्रेम सिंह दरम्वाल देवलचौड़ के पांच दशक तक ग्राम प्रधान सहित कई समितियों में कार्य कर चुके हैं। उनके पति आनंद सिंह दरम्वाल पूर्व में बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। उनका सियासी दायरा व्यापक है। उनकी गिनती प्रमुख समाजसेवी के रूप में भी होती है। निश्चित तौर पर उनके अनुभव का फायदा दीपा दरम्वाल को मिलना तय है। इसके अलावा कई अनुभवी जिला पंचायत सदस्यों का सहयोग भी उन्हें मिलेगा। दीपा दरम्वाल कहती हैं कि वह सभी पंचायत सदस्यों व प्रतिनिधियों का सहयोग लेकर पहाड़ व मैदान के अंतिम छोर पर खड़े ग्रामीण तक विकास कार्य पहुंचाने की भरसक प्रयास करेंगी। मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने एक सितंबर को हरिद्वार जनपद को छोड़ कर ऐसे जनपदों में शपथग्रहण करने के आदेश जारी किये हैं जो अधिक आपदा ग्रस्त नही हैं। जो जिले आपदाग्रस्त हैं, वहा 6 सितंबर को शपथग्रहण होगा।
