आपदा
उत्तराखंड : स्वाला में आ रहे मालवा से एनएच पर ठप है यातायात, नैनीताल जिले में 29 मार्ग बंद
उत्तराखंड: स्वाला में आ रहे मालवा से एनएच पर ठप है यातायात, नैनीताल जिले में 29 मार्ग बंद
सीएन, नैनीताल/चम्पावत। टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वाला के समीप बना डेंजर जोन एनएच प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। स्वाला के पास मलबा आने से एनएच फिर से जाम है। मंगलवार की रात कैंटर के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले कुछ समय के लिए एनएच पर यातायात सुचारू हुआ लेकिन रात में फिर से बंद हो गया। तब से लगातार बंद है। आज बुधवार सुबह से मलबा हटाने के लिए मशीनें लगा दी गई हैं। स्वांला पर आए मलबे को हटाकर टनकपुर.पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। एनएच के अलावा चम्पावत जिले की 57 अन्य सड़कें भी बंद हैं। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कल 17 सितंबर की रात करीब 7.15 बजे से स्वांला पर आए मलबे और पत्थरों से सड़क बंद है। कल मंगलवार को इसी जगह पर एक कैंटर खाई में लुढ़क गया था। मना करने के बावजूद कैंटर निकालने की जिद करने वाले ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। स्वांला में मलबा आने से आवाजाही तो रात सवा सात बजे से बंद है, लेकिन रात में वाहनों के आवागमन पर रोक से इसका असर आज सुबह 18 सितंबर से नजर आया। मैदानी क्षेत्र टनकपुर और पहाड़ी क्षेत्र चम्पावत लोहाघाट में बड़ी संख्या में वाहन फंसे हैं। लोगों की एनएच से आवाजाही नहीं हो पा रही है। लोनिवि के एनएच खंड लोहाघाट के अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार के मुताबिक स्वांला में 4 मशीन लगा रोड खोलने का काम किया जा रहा है। वहीं चम्पावत जिले में 57 सड़कें अभी भी बंद होने से बड़ी संख्या में ग्रामीण जन जीवन प्रभावित हो रहा है। इधर नैनीताल जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार नैनीताल जनपद में अभी भी भारी बरसात के कारण 29 ग्रामीण मार्ग बंद पड़े है। बीते 24 घंटों में नैनीताल में 64 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है।
