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नैनीताल की नैनी झील में मछलियों के मरने के मामले लगातार बढ़े, बाहरी खाना देना प्रमुख कारण

सीएन, नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल की नैनी झील में मछलियों के मरने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, यहां तल्लीताल के वाईटीडीओ के पास झील किनारे सड़ी गली हालत में मछली पाई गई। इसके अलावा पिछले दिनों कई अन्य स्थानों में भी मरी मछलियों को देखा गया है। वाईटीडीओ के संचालक राजा साह का कहना है कि झील की मछलियों को.बाहरी खाना यानी ब्रेड, रोटी, बिस्किट आदि सैलानियों द्वारा खुलेआम खिलाया जाता है। जबकि यह प्रतिबंधित है। पालिका द्वारा जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाये गये हैं। जुर्माने की राशि तय की गई है। लेकिन पालिका की लापरवाही के कारण लोग खुलेआम मछलियों को बाहरी खाना खिला रहे हैं। इससे मछलियां बीमार होकर मर रही हैं। जानकारों के अनुसार मछलियों के मरने के अन्य कारणों में सैलानियों व स्थानीय लोगों द्वारा बाहरी खाना देने के अलावा गर्मी के कारण पानी का तापमान बढ़ गया है, जिससे पानी में घुली हुई ऑक्सीजन का स्तर नीचे गिर गया है। झील के नीचे जमा गाद से अमोनिया गैस पानी को जहरीला बना रही है। शैवाल की वृद्धि: रुके हुए पानी में शैवाल और जलकुंभी की वृद्धि के कारण ऑक्सीजन कम हो रही है। कुछ इलाकों से नालों का गंदा पानी सीधे झील में आ रहा है। यह एक गंभीर स्थिति है जो झील के पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर रही है। मालूम हो कि झील विकास प्राधिकरण द्वारा झील में आक्सीजन घुलन के लिए लगातार एयरेशन का कार्य भी किया जा रहा है। बावजूद इसके मछलियों की अकाल मौत का सिलसिला जारी है। झील के अन्य स्थानों में भी मरी हुई मछलियां उतराती दिखाई दे रही हैं। इसके अलावा बीते दिन हुई बारिश के कारण झील में भारी मात्रा में गंदगी भी समा गई है। जो झील को प्रदूषित कर रही है।

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