अंतरराष्ट्रीय
आज 01 मई को है अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस : विश्वभर के सभी समुदायों को समर्पित दिन
सीएन, नैनीताल। आज 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे विश्वभर के सभी समुदायों और समुदायों को समर्पित किया जाता है। इस दिन हम अनाउंस और रियल एस्टेट का सम्मान करते हैं और शोषण के खिलाफ अपने अधिकारों के लिए मार्च निकालते हैं। इसकी शुरुआत आठ घंटे के श्रमिक संघ आंदोलन से हुई थी। यह भारत, चीन, क्यूबा आदि देशों में मनाया जाता है और सार्वजनिक अवकाश होता है। इस दिन की शुरुआत 19वीं सदी में अमेरिका के आसपास एक श्रमिक संघ आंदोलन के रूप में हुई थी । मार्क्सवादी अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस ने एक प्रस्ताव रखा जिसमें मांग की गई थी कि डेमोक्रेट से 8 घंटे से ज्यादा काम न किया जाए। तब से यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बन गया और आज भी 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन विश्व भर में लोगों की मेहनत का जश्न मनाता है और उनकी कड़ी मेहनत का सम्मान करता है। यूरोप में 14 जुलाई, 1988 को समाजवादी विचारधारा के अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस ने 1 मई को ‘पेरिस के गणतंत्र के लिए अंतर्राष्ट्रीय एकता और एकता दिवस’ की घोषणा की, जबकि 1890 में पहली बार मई दिवस मनाया गया था। भारत में पहला श्रमिक दिवस 1923 में चेन्नई में मनाया गया था। लाल झंडे का प्रयोग भी इसी समय भारत में पहली बार हुआ था। हिंदुस्तान की मजदूर किसान पार्टी द्वारा माने जाने वाले इस दिन कम्युनिस्ट नेता मलयापुरम सिंगारवेलु चेट्टियार ने सरकार से इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने का वादा किया था। यह कृतिम और कृषकों के आश्रम और कृतित्व को सम्मान देने का प्रतीक था। भारत में इस दिन को कामगार दिवस, कामगार दिवस और अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के नाम से भी जाना जाता है।अमेरिका और कनाडा में श्रमिक दिवस सितंबर के पहले सोमवार को मनाया जाता है।











































