अंतरराष्ट्रीय
नेपाल में पत्रकार सहित 2 की मौत, राजशाही समर्थकों और पुलिस के बीच खूनी झड़प
प्रधानमंत्री की पूर्व नरेश को चेतावनी-दोबारा काबिज होने की महत्वाकांक्षा साबित होगी महंगी
सीएन, काठमाडू। नेपाल में पूर्व राजा के समर्थकों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प में दो लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके बाद सेना को बुलाया गया और काठमांडू के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया। वहीं एक रैली में पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल और माधव कुमार नेपाल ने पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि गद्दी पर दोबारा काबिज होने की महत्वाकांक्षा उनके लिए महंगी साबित हो सकती है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह करीब 11.30 बजे काठमांडू के तिनकुने इलाके में राजशाही समर्थक रैली शुरू हुई। ये रैली संसद भवन की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रही थी, जहां निषेधाज्ञा लागू थी। यहां पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह के समर्थक 2008 में समाप्त किए गए राजतंत्र की बहाली की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने कई घरों, इमारतों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर.बितर करने के लिए पानी की बौछारें, आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां चलाईं। यहीं एक इमारत में विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे एवेन्यूज़ टेलीविज़न चैनल के पत्रकार सुरेश रजक की भी मौत हो गई। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस हिंसक झड़प में कम से कम 15 लोग घायल हुए हैं। नेपाल के गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर काठमांडू में हुई तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट और हिंसक झड़प के लिए पूर्व राजा और कमांडर दुर्गा प्रसाद को जिम्मेदार बताया है। कहा जा रहा है कि काठमांडू में राजतंत्र समर्थक आंदोलन सीधे.सीधे पूर्व राजा के निर्देश पर ही हो रहा है। दुर्गा प्रसाद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है।
