क्राइम
प्रेमी से छुटकारा पाने के लिए प्रेमिका ने अपने पति, देवर व गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची
सीएन, हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार के सर्वानंद घाट के पास 17 सितंबर की सुबह मिले बिजनौर निवासी गोपाल कुमार (50) के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रेमी से छुटकारा पाने के लिए उसकी प्रेमिका ने अपने पति, देवर और गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत महिला ने गोपाल को हरिद्वार बुलाया और रात में गंगा घाट पर ले गई। वहां शराब पीने के बाद जब गोपाल सो गया तो पहले से घात लगाए आरोपियों ने चापड़ और धारदार छुरी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में आरोपी महिला और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हत्या में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। घटना में प्रयुक्त लोहे का चापड़ भी बरामद कर लिया गया है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए बताया कि 17 सितंबर की सुबह कोतवाली नगर क्षेत्र में एक अज्ञात पुरुष का शव बरामद हुआ था। मृतक के पास बिजनौर की बस का टिकट मिला था, लेकिन उसकी पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने आसपास के थानों और सीमावर्ती जिलों में शव की पहचान कराने के प्रयास शुरू किए। 20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान गोपाल कुमार, पुत्र उमा चरण, निवासी नई बस्ती, आबकारी चौकी के पास, बिजनौर के रूप में की। इसके बाद मृतक के बेटे आशु कुमार की तहरीर पर कोतवाली नगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।पुलिस ने जांच के दौरान मृतक के निवास स्थान पर जाकर परिजनों से पूछताछ की और उसकी कॉल डिटेल खंगाली। जांच में एक महिला के मोबाइल नंबर से गोपाल की लगातार बातचीत सामने आई। पूछताछ और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस को दोनों के बीच संबंधों की जानकारी मिली। मृतक के परिजनों ने भी महिला को लेकर आशंका जताई थी।पुलिस के अनुसार, नरेंद्र (40), पुत्र ओम प्रकाश, निवासी ग्राम मोमिनपुर दर्गो भारेरा, कोतवाली बिजनौर का मेरठ में इलाज चल रहा था। इसी दौरान गोपाल का नरेंद्र की पत्नी से संपर्क हुआ। दोनों के बीच रुपये के लेनदेन के बाद नजदीकियां बढ़ गईं और संबंध बन गए। पुलिस का कहना है कि बाद में गोपाल महिला पर पति और परिवार को छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बनाने लगा। साथ ही वह कथित तौर पर वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी भी दे रहा था। इससे परेशान महिला ने पति को पूरी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, नरेंद्र ने पत्नी, अपने भाई और गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर गोपाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हत्या में मदद करने वाले गांव के व्यक्ति को 50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। योजना के तहत 16 सितंबर को महिला ने गोपाल को हरिद्वार बुलाया। रात में वह उसे लेकर गंगा घाट पहुंची। वहां दोनों ने शराब पी। गोपाल के नशे में सो जाने के बाद पहले से मौके पर मौजूद आरोपियों ने उस पर चापड़ और धारदार छुरी से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने गोपाल का मोबाइल और पर्स निकाल लिया और दोनों को गंगा में फेंक दिया, ताकि उसकी पहचान और घटना से जुड़े साक्ष्य मिटाए जा सकें। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी क्रम में मोतीचूर रेलवे स्टेशन के पास से नरेंद्र और उसकी 36 वर्षीय पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे का चापड़ भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, हत्या में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी जुटा रही है।


















































