उत्तराखण्ड
जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला बजट : खष्टी बिष्ट
सीएन, नैनीताल। आनन फानन में तैयार किए गए उत्तराखण्ड के बजट को गैरसेण विधानसभा में चुनावों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया जो कि आधारहीन है। जिला महिला अध्यक्ष खष्टी बिष्ट कहती हैं कि यह बजट निराशा लेकर आया है क्योंकि इसमें किए गये वायदे झूठे और अप्रासंगिक लगते हैं। यह बजट जनता की आँखों में धूल झोंकता है।जनता पिछले बजट को भूल कर नई आस लगाने लगेंगी। श्रीमती बिष्ट पूछती हैं कि चुनाव को ध्यान में रखकर बनाए गए बजट बनाने वालों ने यह तो बताया ही नहीं कि राजकोषीय घाटे के लगातार बढ़ते रहने पर भी इतना पैसा कहाँ से जुटायेंगे और इससे प्रति व्यक्ति कितना भार पड़ेगा? बजट में बिजली तंत्र को मजबूत करने के प्रावधान हैं परन्तु बिजली दरों की महँगाई और नया मीटर लगाने वाली मुनाफा कमाने वाली कंपनियों का कोई जिक्र नहीं किया। हर घर जल , हर घर नल,योजना पर अपनी पीठ थपथपाने वाली सरकार ने फिर से इस परियोजना के लिए नया बजट घोषित कर दिया है जब कि पिछले बजट और कार्य प्रगति का कोई विवरण नहीं है। नीट परीक्षाओं की धांधली और पेपर लीक की नाकामी के बीच नए मेडिकल कालेज खुलवाने की योजना स्वागत योग्य है परन्तु पहाड़ में धूल फांकते अस्पताल बिना डॉक्टर और दवाइयों के 200 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर पुनर्जीवित कैसे होंगे?? इसकी योजना पटल पर नहीं है। गाँव आज भी सड़कों की बदहाली झेल रहे हैं, नगर जाम से पटे पड़े हैं, विकास के नाम पर हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं जिसका दुष्प्रसाद प्रभाव आने वाले समय बतायेगा। शिक्षकों की मार झेल रहे स्कूलों में नौनिहाल परेशान हैं परन्तु डिजिटल शिक्षा के हवाई किले परवान चढ़ाने की बात हास्यप्रद लगती है। 6 महीने में दो-दो विधान सभा सत्र चलाने वाली सरकार जनता की नब्ज पकड़ने में नाकामयाब रही है। पिछले बजटों की कोई सुध लेने वाला नहीं। योजनाएं-परियोजनाएं ठप्प पड़ी हैं या मृत अवस्था में हैं पर इसका कोई रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। दरअसल, यह बजट पिछली बजट का ‘रिपीट टेलीकास्ट‘ था, जिसे नए कलेवर और रंगों से पोत कर प्रस्तुत किया गया। इससे जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी और जनता सब जानती है सरकार, अब चुनाव के मौसम में यह लुभावनी स्कीमें जनता समझ चुकी है।
















































