अल्मोड़ा
चंपावत में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म पर उलोवा ने की कड़ी कार्रवाई की मांग, कहा-प्रदेश की कानून व्यवस्था की खुली पोल
सीएन, अल्मोड़ा। चंपावत में एक नाबालिग छात्रा के साथ तीन लोगों द्वारा किए गए सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर उत्तराखंड लोक वाहिनी (उलोवा) ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इस घटना को प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उत्तराखंड लोक वाहिनी ने कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोलती है और दर्शाती है कि पूरे प्रदेश का माहौल विषाक्त होता जा रहा है। सत्ता से संरक्षित लोग आए दिन महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ जघन्य अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। संगठन ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार वर्ष बीत जाने के बाद भी पीड़िता को न्याय नहीं मिला है और मामले से जुड़े वीआईपी आज भी खुले घूम रहे हैं। ‘नारी वंदन’ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के शासन में महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। उलोवा ने आरोप लगाया कि एक ओर प्रदेश की पुलिस आम लोगों का उत्पीड़न कर उन्हें आत्महत्या तक के लिए विवश कर रही है, वहीं दूसरी ओर बलात्कारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत शर्मनाक है। संगठन ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में अराजक लोग ही बहन-बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं।उत्तराखंड लोक वाहिनी ने सरकार से मांग की है कि—घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए।सभी नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए। तथा पीड़िता और उसके परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। बयान जारी करने वालों में एडवोकेट जगत रौतेला, पूरन चन्द्र तिवारी, दयाकृष्ण काण्डपाल, अजय मित्र बिष्ट एवं जंगबहादुर थापा शामिल थे। इस घटना की पूर्व सभासद अशोक पाण्ड़े ने भी गहरी चिन्ता ब्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है ।













































