नैनीताल
39 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस, अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने पर जिला प्रशासन का सख्त रुख, रडार पर कुल 89 स्कूल आये
सीएन, हल्द्वानी। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल द्वारा जनपद के विभिन्न निजी विद्यालयों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों एवं जांच आख्या के आधार पर कार्यवाही करते हुए 39 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में होली ऐंजल पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, वीवीएम पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, फन विथ ड्रांइग पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, विवेकानन्द पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, सनराईज पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, न्यू रेनबो पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, न्यू सनसाईन पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, लिटिल जीनियस पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, किड्स केयर पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, आदर्श पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, मार्डन पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, विद्या पुष्प एकेडमी हल्द्वानी, जेम्स पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, सृजन स्कूल गौलापार, लक्ष्मी शिशु मन्दिर हल्द्वानी, मीना एकेडमी लालकुआं, होली ट्रिनटी सीनियर सेकेण्डरी स्कूल लालकुआं, एचसीएम जूनियर हाईस्कूल लालकुआं, सनराईज पब्लिक स्कूल रामनगर, लिटिल स्कालर एकेडमी रामनगर, सेंट रूमी पब्लिक स्कूल रामनगर, यूएसआर इन्दु इण्टर कालेज बसई रामनगर, दीपक डिवाइन पब्लिक स्कूल रामनगर, मेहरा पब्लिक स्कूल रामनगर, अल्फा मिशन पब्लिक स्कूल रामनगर, शेमरोक प्री स्कूल रामनगर, डीडीसीएम पब्लिक स्कूल रामनगर, मार्डन पब्लिक स्कूल रामनगर, डीएसबी पब्लिक स्कूल रामनगर, गुडलक पब्लिक स्कूल रामनगर, जय मोहन पब्लिक स्कूल रामनगर, एलएन साह प्रीपैरिटरी लर्निंग स्कूल भीमताल, डीएसएस पाल पब्लिक स्कूल भीमताल, आयुष्मान कान्वेंट स्कूल गरमपानी बेतालघाट, स्कालर हेवन स्कूल बिन्दुखत्ता लालकुंआ हल्द्वानी, एफएस बिष्ट मैमोरियल बिन्दुखत्ता लालकुंआ हल्द्वानी, बीडी जोशी मैमोरियल स्कूल लालकुंआ हल्द्वानी, ग्रीनवुड सीनियर सेकेण्डरी स्कूल लालकुआं हल्द्वानी, सनवाल पब्लिक स्कूल नैनीताल शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली एवं भीमताल क्षेत्र के 50 विद्यालयों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब तक नोटिस प्राप्त करने वाले स्कूलों की संख्या 89 हो गई है। जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आए कि कई निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी पुस्तकों के अतिरिक्त अत्यधिक महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ विद्यालयों द्वारा विशिष्ट विक्रेताओं से पुस्तकें एवं अन्य शिक्षण सामग्री क्रय करने हेतु अप्रत्यक्ष दबाव बनाया जा रहा है तथा विद्यालयों की वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाओं का प्रकटीकरण भी नहीं किया गया है। जारी नोटिस में कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है एवं किसी भी प्रकार की अवहेलना को गंभीर उल्लंघन मानते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।











































