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सुप्रीम कोर्ट में आज पांच नए जज लेंगे शपथ

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में नव नियुक्त पांच नए जजों को सोमवार सुबह 10.30 बजे चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ पद की शपथ दिलाएंगे. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले साल दिसंबर 2022 को इनकी नियुक्ति की सिफारिश की थी. राष्ट्रपति ने 4 फरवरी को इन नामों पर मुहर लगाई है. एससी में जो पांच नए जज बने हैं, उनमें राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पंकज मित्तल, पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल, मणिपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पीवी संजय कुमार, पटना हाईकोर्ट के जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज मिश्र शामिल हैं. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जस्टिस पंकज मित्तल का मूल कैडर इलाहाबाद हाई कोर्ट है. पिछले साल 14 अक्टूबर से राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे. 17 जून, 1961 को जन्मे जस्टिस मित्तल 1982 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक हैं. उन्होंने 1985 में मेरठ कॉलेज से एलएलबी पूरी की और उसी वर्ष उत्तर प्रदेश की बार काउंसिल में एक वकील के रूप में प्रैक्टिस शुरू की. उन्होंने 1985 में इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू किया और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के स्थायी वकील के रूप में कार्य किया. वो 1990 और फरवरी 2006 के बीच डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के स्थायी वकील भी थे.जस्टिस मित्तल को 7 जुलाई, 2006 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के अतिरिक्त जज के रूप में पदोन्नत किया गया था और 2 जुलाई, 2008 को स्थायी जज के रूप में शपथ ली. उन्होंने 4 जनवरी, 2021 को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए कॉमन हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. सोमवार को शपथ लेने वाले दूसरे सबसे सीनियर जज संजय करोल हैं. वे हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट कैडर के थे. सुप्रीम कोर्ट में उनकी पदोन्नति के समय वे पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस थे. जस्टिस करोल का जन्म 23 अगस्त, 1961 को हुआ. उन्होंने शुरुआती शिक्षा शिमला के प्रतिष्ठित सेंट एडवर्ड स्कूल से की. उसके बाद शिमला के सरकारी डिग्री कॉलेज से इतिहास में स्नातक किया. कांगड़ा जिले के मूल निवासी करोल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून में डिग्री प्राप्त की और 1986 में एक वकील के रूप में प्रैक्टिस शुरू की. जस्टिस करोल ने सुप्रीम कोर्ट समेत कई कोर्ट में प्रैक्टिस की. उन्होंने संविधान, टैक्सेशन, कॉर्पोरेट, क्रिमनल और सिविल केसों में विशेषज्ञता हासिल की है. उन्हें 1999 में एक सीनियर वकील के रूप में नामित किया गया था.जस्टिस करोल 1998 से 2003 तक हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता भी थे और 8 मार्च, 2007 को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत हुए थे. उन्हें 25 अप्रैल, 2017 से हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्हें 9 नवंबर, 2018 को त्रिपुरा हाई कोर्ट और 11 नवंबर, 2019 को पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया गया. जस्टिस पीवी संजय कुमार पांचों जजों की सूची में वरिष्ठता में तीसरे स्थान पर हैं और मूल रूप से तेलंगाना हाई कोर्ट से थे. वो अब तक मणिपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस थे. 14 अगस्त, 1963 को जन्मे पीवी संजय कुमार ने हैदराबाद के निजाम कॉलेज से कॉमर्स में स्नातक किया और 1988 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की. जस्टिस कुमार ने अगस्त 1988 में आंध्र प्रदेश की बार काउंसिल के सदस्य के रूप में दाखिला लिया. 2000 से 2003 तक आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकार के वकील के रूप में कार्य किया.उन्हें 8 अगस्त, 2008 को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के एक अतिरिक्त जज के रूप में बेंच में पदोन्नत किया गया और 20 जनवरी, 2010 को स्थायी जज के रूप में पदभार ग्रहण किया. जस्टिस कुमार ने 14 अक्टूबर, 2019 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में जज के रूप में शपथ ली. उन्होंने 14 फरवरी, 2021 को मणिपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली. पटना हाई कोर्ट में जज अमानुल्लाह सूची में चौथे जज हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में नियुक्त किया गया है. 11 मई, 1963 को जन्मे अमानुल्लाह ने 27 सितंबर, 1991 को बिहार स्टेट बार काउंसिल में दाखिला लिया और मार्च 2006 से अगस्त 2010 तक राज्य सरकार के स्थायी वकील रहे. वह 20 जून, 2011 को उसी अदालत में जज के रूप में पदोन्नत होने तक पटना हाई कोर्ट में सरकारी वकील थे. उन्हें 10 अक्टूबर, 2021 को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और 20 जून, 2022 को पटना हाई कोर्ट में वापस ट्रांसफर कर दिया गया.जस्टिस मिश्रा का जन्म 2 जून, 1965 को हुआ. उन्होंने 12 दिसंबर, 1988 को वकील के रूप में प्रैक्टिस शुरू की और 21 नवंबर, 2011 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के अतिरिक्त जज के रूप में पदोन्नत हुए. उन्होंने 6 अगस्त 2013 को परमानेंट जज के रूप में शपथ ली. सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किए जाने के साथ उन तीनों हाई कोर्ट्स में कार्यरत सीनियर मोस्ट जज को कार्यवाहक न्यायाधीश नियुक्त करने की घोषणा भी कर दी गई. केंद्र सरकार ने जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट, जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह को पटना हाईकोर्ट और जस्टिस एमवी मुरलीधरन को मणिपुर हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है. इन तीनों हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में किए जाने की अधिसूचना यानी परवाना राष्ट्रपति ने जारी कर दिया है. सोमवार को नए जज के रूप में तीनों न्यायमूर्ति शपथ ले सकते हैं. लिहाजा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के मुताबिक तीनों की नियुक्ति के साथ ही कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था भी कर दी है.

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