राष्ट्रीय
पेट्रोलियम मंत्रालय का दावा-देश भर में घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य
सीएन, दिल्ली। देशभर में एलपीजी सिलेंडर की कीमत, बुकिंग और सप्लाई को लेकर ताज़ा स्थिति सामने आई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी भी क्षेत्र में सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल—ने फिलहाल कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। हालांकि, बुकिंग के बाद डिलीवरी में देरी की समस्या सामने आ रही है। शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 21 से 25 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिनों तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में एलपीजी की कीमतों में अंतर देखा जा रहा है। लखनऊ में घरेलू सिलेंडर करीब ₹950.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹2201 में उपलब्ध है। गोरखपुर में घरेलू सिलेंडर ₹975 और कमर्शियल ₹2262.50 का है। वहीं आगरा और कानपुर में घरेलू सिलेंडर ₹924 से ₹928 के बीच और कमर्शियल सिलेंडर ₹2099 से ₹2132 तक मिल रहा है। अन्य राज्यों की बात करें तो इंदौर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग ₹941 है, जबकि पटना में यह ₹1011 तक पहुंच गई है। देश के प्रमुख महानगरों—दिल्ली, देहरादून, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई—में घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹912 से ₹939 के बीच और कमर्शियल सिलेंडर ₹2031 से ₹2246 के दायरे में बिक रहे है। सरकार ने बताया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालात को देखते हुए ईंधन सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा देते हुए मंत्रालय ने बताया कि लगभग 98% एलपीजी बुकिंग अब ऑनलाइन हो रही है, जबकि 94% डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) के जरिए की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर खरीदारी से बचें। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे डिजिटल माध्यम से ही बुकिंग करें और अनावश्यक रूप से एजेंसी के दौरे से बचें। सरकार ने यह भी दोहराया कि घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित और पर्याप्त है। कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और आवश्यक उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों की आपूर्ति भी बढ़ाई गई है।












































