दुर्घटना
पत्नी द्वारा पिता के अपमान को सहन नही कर पाया युवा न्यायाधीश, कर ली इहलीला खत्म….
सीएन, अलवर। दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में तैनात जज अमन शर्मा की संदिग्ध हालात में हुई मौत ने सभी को झकझोर दिया है। इस मामले में बाेलते हुए परिजानों ने मृतक की पत्नी पर मानसिक प्रताड़ना और पारिवारिक तनाव के कई गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले निष्पक्ष जांच की मांग की है। दिल्ली की ग्रीन पार्क में रहने वाले जज अमन शर्मा का शव रविवार को उनके पैतृक शहर अलवर पहुंचा। सुबह आठ बजे तीजकी श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अमन के पिता एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा ने अपने बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा कैडर के कई सीनियर जज भी अमन को अंतिम विदाई देने अलवर पहुंचे। अमन की अचानक मौत से उनका परिवार गहरे सदमे में है और अब परिजनों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग उठाई है। गाैरतलब है कि शनिवार दोपहर को अमन के जीजा ने पीसीआर कॉल कर इस घटना की जानकारी दी थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बाथरूम की खिड़की का शीशा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है और रिपोर्ट का इंतेजार किया जा रहा है। अमन के परिजनों का कहना है कि उनकी मौत के पीछे पारिवारिक विवाद और मानसिक प्रताड़ना एक बड़ी वजह है। परिजनों ने आरोप लगाया कि अमन की पत्नी ने उनके पिता का अपमान किया था, जिसे अमन सहन नहीं कर पाए। मौत से दो दिन पहले अमन ने अपने पिता को फोन कर कहा था कि वह अब जीना नहीं चाहता और यह उसका आखिरी कॉल है। यह सुनते ही पिता तुरंत दिल्ली पहुंचे ताकि अपने बेटे को संभाल सकें, लेकिन वहां अमन की पत्नी और उसके ससुराल पक्ष के लोगों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था। परिजनों ने बताया कि अमन और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। आरोप है कि अमन की साली घर के विवादों में दखल देती थीं और अमन की पत्नी को भड़काती थीं। बताया जा रहा है कि अमन की साली जम्मू में आईएएस अधिकारी हैं, वहीं उनके पति दिल्ली पुलिस में सीनियर आईपीएस अधिकारी है। परिजनों के अनुसार घटना के समय अमन की साली और पत्नी का चचिया ससुर भी घर में ही मौजूद थे। पिता ने बताया कि कमरे के अंदर से अमन की पत्नी के चिल्लाने और लड़ाई करने की आवाजें आ रही थीं। इसी विवाद के बीच अमन ने बाथरूम में जाकर शॉल और स्टूल की मदद से फांसी लगा ली। घटना के बाद अमन की पत्नी अपने दोनों बच्चों को लेकर घर से चली गई। वहीं बताया जा रहा है कि अमन के अंतिम संस्कार के समय भी ससुराल पक्ष का कोई व्यक्ति वहां मौजूद नहीं पहुंचा। पिता प्रेम प्रकाश शर्मा ने बताया कि वे अमन की शादी अपने दोस्त की बेटी से कराना चाहते थे, लेकिन अमन को अपनी बैचमेट से प्यार हो गया था। बेटे की खुशी के लिए पिता ने इस रिश्ते को स्वीकार किया और पूरे रीति-रिवाज से उनकी शादी कराई। शादी के बाद अमन तो अक्सर अपने परिवार से मिलने अलवर आता था, लेकिन उसकी पत्नी का आना-जाना बहुत कम था। वहीं अमन शर्मा की मौत ने उनके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। परिजनों ने बताया कि अमन का छोटा भाई एलएलबी कर रहा था और पहले से ही एक सड़क हादसे के बाद से मानसिक अवसाद से जूझ रहा है। पिता ने हमेशा कोशिश की कि अमन को कभी कोई दुख न हो, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही बेटे ने ये कदम उठा लिया। अमन कुमार शर्मा ने साल 2018 में पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। वे 19 जून 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा का हिस्सा बने थे। अमन अक्टूबर 2025 से कड़कड़डूमा कोर्ट में उत्तर-पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि उनका स्वभाव बेहद शांत था।

































