नैनीताल
चुनौती : ट्रेंकुलाइज किए बाघ को मुख्य मार्ग तक पहुंचाने में युवाओं ने बहाया पसीना, ब्लाक प्रमुख बिष्ट ने दी शाबाशी….
सीएन, ज्योलीकोट। जनपद नैनीताल के निकटवर्ती ज्योली के जंगल में चलाए गए एक चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत ट्रेंकुलाइज किए गए बाघ को मुख्य मार्ग तक पहुंचाने के चुनौती पूर्ण कार्य में स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं ने अदम्य साहस और जज्बे का परिचय दिया है। ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, रेंज अधिकारी नितिन पंत, विभाग के अधिकारियों और दल के सदस्यों ने युवाओं के इस निस्वार्थ सहयोग की खुले मन से सराहना की है। घटना स्थल से स्ट्रेचर को गांव और मुख्य मार्ग तक लाने में लगभग चार घंटे का समय लगा। यदि ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिलता तो इतना ही समय और लग जाता। जिस रास्ते से स्ट्रेचर को लाया गया, वह अत्यधिक ऊबड़-खाबड़ और दुर्गम है, जहाँ दिन के उजाले में भी चलना एक कठिन कार्य है। ऐसी स्थिति में, देर रात के घने अंधेरे और जंगली खतरों के बीच स्थानीय युवाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर वन कर्मियों का साथ दिया और-भरकम बाघ के स्ट्रेचर को सुरक्षित रूप से मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। मालूम हो कि एक सप्ताह पूर्व ज्योली गांव से सटे जंगल में बाघ ने एक महिला हेमा पांडे को निवाला बना लिया था। बीते दिन ट्रेंकुलाइज किए गए बाघ को रानीबाग रेस्क्यू सैंटर भेजा गया है। डीएनए टेस्ट के बाद ही पता चल पायेगा कि ट्रेंकुलाइज किए गए बाघ ही कातिल है या नही।









































