मौसम
उत्तराखंड में हल्की बारिश व तेज हवाओं के चलने की संभावना, आठ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी
सीएन, देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में जहां हल्की बारिश और तेज हवाओं के चलते मौसम सुहावना बना हुआ है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप और उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के आठ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। नैनीताल में शुक्रवार को सुबह से ही बादल छाये रहे, हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिस कारण ठंड में इजाफा हो गया। यहां न्यूनतम तापमान 16 डिग्री व अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, टिहरी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में तेज गर्जन के साथ हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। प्रदेश के मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है। तेज धूप निकलने और बीच-बीच में बादल छाने की वजह से उमस भरी गर्मी महसूस की जा रही है। दिन के अधिकतम तापमान के साथ-साथ न्यूनतम तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गुरुवार को राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर धूप खिली रही। हालांकि बीच-बीच में बादल छाने से उमस और अधिक बढ़ गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज भी मैदानी क्षेत्रों में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। जहां मैदानों में गर्मी परेशान कर रही है, वहीं उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। हल्की बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी बारिश की वजह से ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने यात्रियों को मौसम का अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की जानकारी लेते रहें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रुकें। विभाग ने यह भी कहा है कि मैदानी क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी और उमस को देखते हुए लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें।







































