धर्मक्षेत्र
इस बार गणेशोत्सव व हरतालिका तीज की शुरुआत धार्मिक दृष्टि से खास संयोग के साथ होगी
सीएन, नैनीताल। इस बार गणेशोत्सव की शुरुआत धार्मिक दृष्टि से इस बार गणेशोत्सव की शुरुआत धार्मिक दृष्टि से खास संयोग के साथ होगी। 14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य वेदप्रकाश प्रचेता ने बताया कि पंचांग गणना के अनुसार 14 सितंबर को सुबह 7:07 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी और इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। ऐसे में सुबह महिलाएं हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखेंगी, जबकि दोपहर में शुभ मुहूर्त में गणपति प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। हरतालिका तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन कर अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। तृतीया तिथि सुबह 7:06 बजे तक होने के बाद चतुर्थी का आरंभ होगा। गणेश स्थापना के लिए सुबह 11:02 से दोपहर 2 बजे तक का समय श्रेष्ठ माना गया है। इस समय में अभिजीत मुहूर्त व सिद्ध मुहूर्त भी रहेगा। धर्मशास्त्र के जानकारों के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए चतुर्थी में मध्याह्न पूजा और गणपति स्थापना का विशेष महत्व है। शाम को प्रदोष काल में हरतालिका तीज का पूजन किया जाएगा। इसके बाद महिलाएं रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करेंगी। अगले दिन 15 सितंबर को हरतालिका व्रत का पारण और ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। वहीं 19 सितंबर को राधाष्टमी का पर्व होगा।ज्योतिषाचार्य कि पंचांग गणना के अनुसार 14 सितंबर को सुबह 7:07 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी और इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। ऐसे में सुबह महिलाएं हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखेंगी, जबकि दोपहर में शुभ मुहूर्त में गणपति प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। हरतालिका तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन कर अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। तृतीया तिथि सुबह 7:06 बजे तक होने के बाद चतुर्थी का आरंभ होगा। गणेश स्थापना के लिए सुबह 11:02 से दोपहर 2 बजे तक का समय श्रेष्ठ माना गया है। इस समय में अभिजीत मुहूर्त व सिद्ध मुहूर्त भी रहेगा। धर्मशास्त्र के जानकारों के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए चतुर्थी में मध्याह्न पूजा और गणपति स्थापना का विशेष महत्व है। शाम को प्रदोष काल में हरतालिका तीज का पूजन किया जाएगा। इसके बाद महिलाएं रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करेंगी। अगले दिन 15 सितंबर को हरतालिका व्रत का पारण और ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। वहीं 19 सितंबर को राधाष्टमी का पर्व होगा।













































