उत्तराखण्ड
पिथौरागढ, टनकपुर, कपकोट, गरुड़, बागेश्वर व हल्द्वानी नगरीय क्षेत्रों में जल प्रभाव की समस्या के स्थाई समाधान को ड्रैनेज प्लान को संस्तुति कर शासन को प्रेषित
सीएन,हल्द्वानी। कुमाऊॅ मण्डल के विभिन्न शहरों में जल भराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिये गये आदेशों के अनुपालन में कुमाऊॅ मण्डल की 7 शहरों हेतु तैयार मास्टर ड्रैनेज प्लान का मण्डलायुक्त कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की उपस्थिति में सिंचाई तथा विभिन्न विभागों के अभियन्ताओं द्वारा पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन किया गया।मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भी कम समय में अधिक वर्षा होने या विभिन्न कारणों से उत्पन्न होने वाले जल भराव की समस्या के स्थायी एवं दीर्घकालिक समाधान में किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि नालों की गहराई एवं चौड़ाई साइंटिफिक तरीके से ही निर्धारित हो तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जायें। आयुक्त ने निर्देश दिये कि जलभराव वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए तथा विभागीय समन्वय सुनिश्चित करते हुए मास्टर प्लान पर समयबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि आवश्यकता अनुसार कैचपिट आदि की व्यवस्था करने के साथ ही नालों के ढाल पर विशेष ध्यान दिया जाये ताकि सिल्ट एवं कूड़ा आदि के कारण नाले जाम होने की समस्या न उत्पन्न हो सके। अधिशासी अभियन्ताओं द्वारा पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुतीकरण देते हुए शहरवार ड्रेनेज की वर्तमान स्थिति, जलभराव वाले संवेदनशील एवं क्रिटिकल प्वाइंटों, प्राकृतिक जल निकासी एवं नालों मार्गों का सर्वेक्षण सहित सम्पूर्ण डीपीआर की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नालों की शतप्रतिशत कनैक्टिविटी हो जायेगी, जल भराव एवं अनियन्त्रित अपवाह से राहत मिलेगी, नालों के माध्यम से साइंटिफिकली जल निकासी होगी तथा विभिन्न क्षेत्रों में संभावित भू-कटाव से भी राहत मिलेगी। बैठक में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजीव श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि कपकोट शहर में नाले की कुल लम्बाई 10.14 किमी तथा प्रस्तावित लागत 37.28 करोड़ है इस संबंध में तैयार डीपीआर की सम्पूर्ण जानकारी लेते समिति की ओर से संस्तुति प्रदान की गई। इसी प्रकार बागेश्वर शहर में ड्रैन की कुल लम्बाई 35.32 किमी है तथा प्रस्तावित लागत 129.50 करोड़ है, गरूड़ में ड्रैन की कुल लम्बाई 8.28 किमी है तथा कुल प्रस्तावित लागत 25.54 करोड़ है। जिसे समिति द्वारा संस्तुति प्रदान की गई। इसी प्रकार पिथौरागढ़ नगर के ड्रैनेज मास्टर प्लान के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि पिथौरागढ़ शहर में ड्रैन की कुल लम्बाई 16.77 किमी है तथा प्रस्तावित लागत 87.85 करोड़ है। टनकपुर में ड्रैनेज की कुल लम्बाई 31.32 किमी तथा प्रस्तावित लागत 101.57 करोड़ है। बनबसा में ड्रैनेज की कुल लम्बाई 25.606 किमी तथा प्रस्तावित लागत 66.57 करोड़ है। जिसे समिति द्वारा संस्तुति की गई। बैठक में मुख्य अभियन्ता सिंचाई संजय शुक्ल, संजीव श्रीवास्तव, लोनिवि के मुख्य अभियंता पीएस बृजवाल उप कार्यक्रम निदेशक यूयूएसडीए मृदुला सिंह सहित सम्बन्धित क्षेत्रों के अधिशासी अभियन्ता व अधिशासी अधिकारी आदि उपस्थित रहे।








































