उत्तराखण्ड
उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए भाजपा नेतृत्व ने हल्द्वानी के वरिष्ठ नेता दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाया
सीएन, देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए भाजपा नेतृत्व ने हल्द्वानी के वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम के ऐलान के साथ पिछले कई दिनों से चल रही दावेदारों की चर्चाओं पर विराम लग गया है। यह सीट मौजूदा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा होने के बाद खाली होगी। भाजपा संगठन में इस सीट के लिए दो दर्जन से ज्यादा नामों पर मंथन हुआ था। बाद में प्रदेश संगठन ने दावेदारों के नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था। अब केंद्रीय नेतृत्व ने दिनेश आर्य के नाम पर मुहर लगाई है। विधानसभा में भाजपा के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए उनका राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होना है। दिनेश आर्य उत्तराखंड भाजपा के पुराने संगठनात्मक नेताओं में शामिल रहे हैं। वे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी के तौर पर भी काम कर चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नैनीताल सीट से भाजपा के टिकट की दावेदारी की थी। पार्टी ने सरिता आर्य को प्रत्याशी बनाया, जिसके बाद दिनेश आर्य ने पीआरओ पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय वे नैनीताल सीट के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। इसके बाद भाजपा ने उन्हें संगठन से सरकार की जिम्मेदारी तक पहुंचाया। दिसंबर 2023 में धामी सरकार ने उन्हें उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया। इस पद के साथ उन्हें दर्जा राज्यमंत्री दिया गया। अब भाजपा ने दिनेश आर्य को उत्तराखंड की राज्यसभा सीट का प्रत्याशी बनाया है। यानी करीब चार साल पहले विधानसभा टिकट की दौड़ में रहे दिनेश आर्य अब संसद के उच्च सदन तक पहुंचने की तैयारी में हैं। राज्यसभा सीट के लिए भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी में 25 सितंबर को करीब 24 दावेदारों के नामों पर मंथन हुआ था। बैठक में महिला, एससी-एसटी, युवा समेत अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नामों पर चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्र नाथ शर्मा को नामों की स्क्रीनिंग कर पैनल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। तीनों नेताओं ने 15 नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने सभी समीकरणों पर मंथन करते हुए उत्तराखंड सरकार में दर्जाधारी दिनेश आर्य के नाम पर मुहर लगा दी। दिनेश आर्य उत्तराखंड भाजपा के पुराने संगठनात्मक नेताओं में शामिल रहे हैं। वे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी के तौर पर भी काम कर चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नैनीताल सीट से भाजपा के टिकट की दावेदारी की थी। पार्टी ने सरिता आर्य को प्रत्याशी बनाया, जिसके बाद दिनेश आर्य ने पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय वे नैनीताल सीट के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। इसके बाद भाजपा ने उन्हें संगठन से सरकार की जिम्मेदारी तक पहुंचाया। दिसंबर 2023 में धामी सरकार ने उन्हें उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया। इस पद के साथ उन्हें दर्जा राज्यमंत्री दिया गया। अब भाजपा ने दिनेश आर्य को उत्तराखंड की राज्यसभा सीट का प्रत्याशी बनाया है। यानी करीब चार साल पहले विधानसभा टिकट की दौड़ में रहे दिनेश आर्य अब संसद के उच्च सदन तक पहुंचने की तैयारी में हैं। राज्यसभा सीट के लिए भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी में 25 सितंबर को करीब 24 दावेदारों के नामों पर मंथन हुआ था। बैठक में महिला, एससी-एसटी, युवा समेत अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नामों पर चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्र नाथ शर्मा को नामों की स्क्रीनिंग कर पैनल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। तीनों नेताओं ने 15 नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने सभी समीकरणों पर मंथन करते हुए उत्तराखंड सरकार में दर्जाधारी दिनेश आर्य के नाम पर मुहर लगा दी।
















































