उत्तराखण्ड
बेटी अंकिता को इंसाफ दिलाने के लिए माता-पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी व सोनी देवी दृढसंकल्पित
सीएन, देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला इन दिनों फिर सुर्खियों में है। चार साल पहले 2022 से न्याय की मांग कर रहे अंकिता के माता-पिता (वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी) से जुड़े हालिया घटनाक्रम में “जगह देखकर गलती” या पछतावे जैसी बातें उनके विरोध प्रदर्शन और बयानों के संदर्भ में सामने आई हैं। हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद, अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया था। इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें और उनके बयान अंकिता की माता ने मीडिया और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि वे अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए दृढ़ हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मौजूदा जगह (इंडिया गेट) पर शांतिपूर्वक धरना देने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे अपने घर लौटकर वहां भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। 14 अक्टूबर, 2026 की रातभर चले प्रदर्शन के बाद, 15 अक्टूबर की सुबह तड़के करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और उनके समर्थकों को इंडिया गेट से हिरासत में ले लिया था, हालांकि बाद में सुबह 5 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। माता-पिता का आरोप है कि मामले में एक ‘वीआईपी का हाथ है और वे मांग कर रहे हैं कि जब तक सीबीआई अपनी जांच पूरी नहीं कर लेती, तब तक राज्यपाल की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। मालूम हो कि इस हत्याकांड के मुख्य आरोपियों भाजपा नेता का पुत्र पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को मई 2025 में ही अदालत द्वारा दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन परिवार अभी भी इस मामले में वीआईपी एंगल की पूरी जांच की मांग पर अड़ा है। बेटी अंकिता को इंसाफ दिलाने के लिए माता-पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी व सोनी देवी दृढसंकल्पित हैं। दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए विरेन्द्र सिंह भंडारी ने कहा कि यदि उनकी मांग नही मानी गई तो वह देशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर हो जायेंगे।

















































