आपदा
मंत्री व डीएम के निरीक्षण व आदेश के बाद भी हली की नही सुलझी समस्या, आपदा से बचाने को डीएम से फिर लगाई गुहार
सीएन, नैनीताल। आज से तीन वर्ष पूर्व विकास खंड रामगढ़ के ग्राम हली (शेरा) में.बादल फटने व अतिवृष्टि के कारण ग्रामीणों की भूमि व गौशाला बह गई। जिस कारण ग्रामीणों को भारी नुकसान पहुंचा। घटना. को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सरकार की काबिना मंत्री रेखा आर्य व तत्कालीन जिलाधिकारी वंदना ने एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी सहित संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर गांव के मध्य 200 मीटर नाले का निर्माण करने.के आदेश दिये। संबधित विभाग ने लगभग 100 मीटर नाले का निर्माण तो कर दिया, लेकिन 100 मीटर अतिरिक्त नाले का निर्माण नही किया जा सका। संबंधित विभाग वित्तीय स्वीकृति नही मिलने का रोना रो रहा है। वहीं दूसरी ओर बरसात के दौरान सिर पर खतरे की तलवार लटक रही है। अब जब फिर बरसात शुरू होने वाली है तो ग्रामीणों में दहशत शुरू हो गई है। बरसात के दौरान अधूरे नाले से पानी का बहाव ग्रामीणों के घरों व खेतों की ओर हो रहा है। जिससे एक और बड़े खतरे की आशंका बनी हुई है। इस आसन्न खतरे को देखते हुए शेरा व हली के ग्रामीणों का शिष्टमंडल भाजपा के वरिष्ठ नेता हेम चन्द्र आर्य के नेतृत्व में डीएम ललित मोहन रयाल से मिला। जिलाधिकारी रयाल को पत्र सौप कर 11 जुलाई 2023 को आई आपदा के बाद शासन-प्रशासन द्वारा दिये गये आश्वासन को पूर्ण करने की मांग की गई। डीएम रयाल ने शिष्टमंडल को उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस आपदा से ग्रामीणों को बचाने के लिए क्या कदम उठाता है।





































