Connect with us

अंतरराष्ट्रीय

आखिर कब तक इंडिया सहता रहेगा अमेरिका की दादागिरी, भारत को अपनी हैसियत जतलानी पड़ेगी

राजीव लोचन साह, नैनीताल। होरमुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में भारतीय तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों, जिनमें तीन भारतीय नागरिकों की मृत्यु हो गयी, से साबित हो गया है कि अमेरिका की नजरों में भारत का अब कोई सम्मान नहीं रह गया है। भले ही ट्रम्प भारतीय प्रधानमंत्री को ‘माई फ्रेंड मोदी’ कहते हों, मोदी जी भी जाकर ट्रम्प के गलबहियाँ लगा लेते हों और मोदी जी के प्रशंसक ट्रम्प का  मन्दिर बना कर उनकी पूजा करने लगे हों, यह दुःखदायी सत्य है कि ट्रम्प शासन में अमेरिका भारतीयों को अपमानित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहा है। पिछले साल अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीय आप्रवासियों को जिस तरह हथकड़ी और बेड़ियों में भारत वापस भेजा गया, उससे हर स्वाभिमानी भारतवासी का सिर शर्म से झुक गया था। ये लोग अपराधी नहीं थे, बल्कि देश को विदेशी मुद्रा भी कमा कर भेजा करते थे। भारत की ओर से कोई कठोर प्रतिक्रिया न होने से अमेरिका को हमारी कमजोरी का भली भाँति विश्वास हो गया और उसने ऐसे आदेश तक देने शुरू किये कि हम अपनी तेल की जरूरत पूरी करने के लिये तेल कहाँ से लें और कहाँ से न लें। अमेरिका का आदेश मान कर भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदना भी छोड़ दिया। अब इस नये घटनाक्रम में अमेरिका ने यह जानते हुए भी कि इन जहाजों में भारतीय नाविक हैं, उन पर हमला बोल दिया। अपने देश पर अभिमान करने वाला हर भारतीय इन तीन नाविकों की मृत्यु से आक्रोश में है, लेकिन भारत की प्रतिक्रिया इस बार भी बेहद कमजोर और लिजलिजी रही। उसने सिर्फ अमेरिका के राजनयिक को तलब कर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। इस तरह की घटनायें और उन पर भारत की प्रतिक्रिया को देख कर इस बात पर विश्वास करना कठिन हो जाता है कि भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्थाओं में से एक है और अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में उसे विश्वगुरु का दर्जा हासिल है। भारत को ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाही कर अपनी हैसियत जतलानी पड़ेगी।

More in अंतरराष्ट्रीय

Trending News

Follow Facebook Page

About

आज के दौर में प्रौद्योगिकी का समाज और राष्ट्र के हित सदुपयोग सुनिश्चित करना भी चुनौती बन रहा है। ‘फेक न्यूज’ को हथियार बनाकर विरोधियों की इज्ज़त, सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयास भी हो रहे हैं। कंटेंट और फोटो-वीडियो को दुराग्रह से एडिट कर बल्क में प्रसारित कर दिए जाते हैं। हैकर्स बैंक एकाउंट और सोशल एकाउंट में सेंध लगा रहे हैं। चंद्रेक न्यूज़ इस संकल्प के साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दो वर्ष पूर्व उतरा है कि बिना किसी दुराग्रह के लोगों तक सटीक जानकारी और समाचार आदि संप्रेषित किए जाएं।समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को समझते हुए हम उद्देश्य की ओर आगे बढ़ सकें, इसके लिए आपका प्रोत्साहन हमें और शक्ति प्रदान करेगा।

संपादक

Chandrek Bisht (Editor - Chandrek News)

संपादक: चन्द्रेक बिष्ट
बिष्ट कालोनी भूमियाधार, नैनीताल
फोन: +91 98378 06750
फोन: +91 97600 84374
ईमेल: [email protected]

BREAKING