उत्तराखण्ड
कल 14 अप्रैल को सीएम धामी की अगुवाई में 18 वीं बार पीएम मोदी का स्वागत करेगा उत्तराखंड
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे के साथ ही, टिहरी में 1 हजार मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंग
सीएन, देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कल 14 अप्रैल मंगलवार को अपने 27 वें दौरे पर उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढे चार साल के कार्यकाल में यह उनका 17वां दौरा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे के साथ ही, टिहरी में 1 हजार मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के आगमन को लेकर उत्तराखंड वासियों में भारी उत्साह है। प्रदेश सरकार लोकार्पण समारोह को यादगार बनाने की तैयारियों में जुटी है। मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, नरेंद्र मोदी 11 सितंबर 2015 को उत्तराखंड के पहले दौरे पर ऋषिकेश पहुंचे थे। तब उन्होंने दयानंद सरस्वती आश्रम पहुंचकर अपने गुरुं दयानंद गिरी से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। भगवान केदारनाथ सहित उत्तराखंड के प्रमुख धामों के प्रति भी पीएम मोदी की गहरी आस्था है। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह पांच बार केदारनाथ की यात्रा पर आ चुके हैं, साथ ही बद्रीनाथ ओर मुखबा का भी दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के तीर्थाटन- पर्यटन के ब्रांड अम्बेसडर साबित हुए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते केदारनाथ धाम की यात्रा प्रभावित हुई तो पीएम मोदी ने केदार धाम पहुंचकर सुरक्षित चारधाम यात्रा का संदेश देश दुनिया को दिया। प्रधानमंत्री के दौरों के बाद केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित ढंग से बढ़ी है। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश में पहुंचने के बाद, इस क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बीते वर्ष मार्च में उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीतकालीन यात्रा का संदेश दिया। इससे प्रदेश में शीतकालीन यात्रा के साथ ही बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा मिला है।
वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र टिहरी का भी लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को देश के पहला वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। कुल 1000 मेगावाट, उत्पादन क्षमता के इस प्लांट का निर्माण टीएचडीसी ने 2400 मेगावाट क्षमता के टिहरी हाईड्रो पावर काम्पलेक्स के क्रम में किया है, जो टिहरी हाईड्रो प्रोजेकट के ऊपरी और निचले जलाशयों के बीच अतिरिक्त बिजली उत्पादन करेगा। यह संयंत्र, भारत की ऊर्जा यात्रा में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।











































