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डीएम रयाल के निर्देशन व सीडीओ के नेतृत्व में भीमताल की महिलाओं ने मोमबत्ती निर्माण से लिखी सफलता की नई कहानी
सीएन, नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” के विजन को साकार करने की दिशा में जनपद नैनीताल में रीप परियोजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में परियोजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों एवं महिला संगठनों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए उन्हें स्थायी आजीविका उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में विकासखंड भीमताल के ग्राम ज्योलीकोट स्थित उड़ान सीएलएफ से जुड़ी गीता नेगी पिछले दो वर्षों से सफलतापूर्वक मोमबत्ती निर्माण इकाई का संचालन कर रही हैं। आज यह इकाई न केवल महिलाओं की आय बढ़ा रही है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही सुगंधित कैंडल, डेकोरेटिव कैंडल, गिफ्ट कैंडल, पिंक कैंडल सहित विभिन्न आकर्षक डिज़ाइन की मोमबत्तियों की स्थानीय बाजार के साथ-साथ मेलों एवं प्रदर्शनियों में भी अच्छी मांग है। गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के कारण इनकी पहचान लगातार बढ़ रही है। रीप परियोजना के अंतर्गत इस इकाई को ₹6 लाख की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस सहायता से आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, उत्पादन क्षमता में वृद्धि तथा अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में संचालित यह पहल महिलाओं को स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक सशक्तिकरण की नई दिशा प्रदान कर रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण महिला को आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराकर उसे “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है। भीमताल की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित रीप परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती प्रदान कर रही है।




























