Connect with us

धर्मक्षेत्र

सावन माह में 27-28 जुलाई को है कालाष्टमी, भगवान काल भैरव की आराधना से मिलेगा लाभ

सावन माह में 27-28 जुलाई को है कालाष्टमी, भगवान काल भैरव की आराधना से मिलेगा लाभ
सीएन, हरिद्वार।
सावन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 27 जुलाई दिन शनिवार को रात 9 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी और 28 जुलाई दिन रविवार को रात 7 बजकर 27 पर समाप्त होगी। हिंदू धर्म में काल भैरव भगवान शिव का एक उग्र रूप हैं, जो विनाश और संरक्षण के देवता के रूप में जाने जाते हैं। काल अष्टमी जिसे काल भैरव जयंती या भैरवाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह भगवान काल भैरव की आराधना का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। काल भैरव को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। काल अष्टमी के दिन उनकी पूजा करने से भक्तों को ग्रहों के दुष्प्रभावों से मुक्ति भय और चिंताओं से राहत सुख.समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष काल अष्टमी 28 जुलाई 2024 को रविवार के दिन मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि 27 जुलाई को रात 9 बजकर 20 मिनट से शुरू होगी और 28 जुलाई को रात 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी, उदया तिथि के अनुसार पूजा 28 जुलाई को ही सर्वोत्तम मानी जाती है। काल भैरव भगवान शिव के रुद्र अवतार हैं, जिन्हें विनाश और संरक्षण का देवता माना जाता है पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को पीने के बाद भगवान शिव का शरीर गरम हो गया था। इस गर्मी से उनके शरीर से पसीना निकला। जिससे काल भैरव की उत्पत्ति हुई। भक्तों का मानना है कि काल अष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की पूजा करने से ग्रहों के दुष्प्रभावों से मुक्ति, भय और चिंताओं से राहत, सुख.समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। काल अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ करें और सजाएं। भगवान काल भैरव की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित करें। दीपक, धूप, नैवेद्य, फूल, फल आदि पूजा सामग्री अर्पित करें। भगवान काल भैरव का मंत्र जाप करें या स्तोत्र का पाठ करें। आरती उतारें और भोग लगाएं। व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन निर्जला या सात्विक भोजन का सेवन करें रात में पूजा के बाद व्रत का पारण करें

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  चारधाम यात्रा सुचारू रखने व आपदाओं से निपटने को प्रशासन ने कसी कमर, मानसून सीजन में विशेष तैयारी
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

More in धर्मक्षेत्र

Trending News

Follow Facebook Page

About

आज के दौर में प्रौद्योगिकी का समाज और राष्ट्र के हित सदुपयोग सुनिश्चित करना भी चुनौती बन रहा है। ‘फेक न्यूज’ को हथियार बनाकर विरोधियों की इज्ज़त, सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयास भी हो रहे हैं। कंटेंट और फोटो-वीडियो को दुराग्रह से एडिट कर बल्क में प्रसारित कर दिए जाते हैं। हैकर्स बैंक एकाउंट और सोशल एकाउंट में सेंध लगा रहे हैं। चंद्रेक न्यूज़ इस संकल्प के साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दो वर्ष पूर्व उतरा है कि बिना किसी दुराग्रह के लोगों तक सटीक जानकारी और समाचार आदि संप्रेषित किए जाएं।समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को समझते हुए हम उद्देश्य की ओर आगे बढ़ सकें, इसके लिए आपका प्रोत्साहन हमें और शक्ति प्रदान करेगा।

संपादक

Chandrek Bisht (Editor - Chandrek News)

संपादक: चन्द्रेक बिष्ट
बिष्ट कालोनी भूमियाधार, नैनीताल
फोन: +91 98378 06750
फोन: +91 97600 84374
ईमेल: [email protected]

BREAKING