नैनीताल
नैनीताल में बोल्डर के खतरे की जद में आये 24 परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट किया, सुरक्षात्मक कार्य अविलंब करने की मांग
सीएन, नैनीताल। बीती सांय पर्यटन नगरी नैनीताल के भूस्खलन प्रभावित बलियानाला से सटे कृष्णापुर सिपाहीधारा मार्ग में बरसों से खतरा बने विशालकाय शिला (बोल्डर) आखिरकार टूट कर मार्ग में गिर गया। देर रात तहसीलदार व सिंचाई विभाग के अवर अभियंता मौके पर पहुंचे और खतरे की जद में आये 24 परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया। इनमें से 20 परिवार महादेव गुफा मंदिर, दो परिवार जीआईसी व दो परिवार धर्मशाला में शिफ्ट किये गये हैं। इधर प्रशासन द्वारा लगातार मुनादी की जा रही है कि लोग अन्यत्र रास्तों से गंतव्य को जायें। इधर सिंचाई विभाग ने दोहराया है कि शीघ्र ही सुरक्षात्मक कार्य करवाया जायेगा। कई बार प्रशासन से सुरक्षा की मांग करने के बावजूद कोई कार्रवाई नही की गई। आखिर जिसका डर था वही हुआ। नैनीताल कृष्णापुर सिपाहीधारा मार्ग में खतरा बना विशालकाय बोल्डर टूट कर गिर गया। गनीमत रही कि उस वक्त बोल्डर के ठीक नीचे से गुजरने.वाले मार्ग में लोगों की आवाजाही नही रही वरना कोई भी हताहत हो सकता था। बोल्डर की चपेट में आकर एक चार पहिया व एक दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गये। मालूम हो कि कई वर्ष पूर्व इस विशालकाय बोल्डर में दरारें आ गई थी। जिसे सिंचाई विभाग द्वारा एहतियात के तौर पर लोहे की जाली से रोका गया था। लेकिन आज आखिरकार बोल्डर दरक गया। इससे छिटके एक बड़े टुकड़े से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। बोल्डर के ठीक नीचे बसी बस्ती को खतरा पैदा हो गया है। सोमवार की सांय हुई इस घटना के बाद कृष्णापुर व सिपाहीधारा के लोग दहशत में आ गये हैं। सूचना मिलने के बाद तल्लीताल थाना के एसओ मनोज नयाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गये। इसके बाद तहसीलदार अक्षय भट्ट व सिंचाई विभाग के जेई मौके पर पहुंचे और असुरक्षित परिवारों को शिफ्ट करना शुरू कर दिया। कृष्णापुर निवासी व नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष डीएन भट्ट ने बताया कि लम्बे समय से बोल्डर खतरा बना हुआ था। सिंचाई विभाग, लोनिवि व प्रशासन से कई बार मांग किये जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नही की गई। इस संबंध में वह कई बार जिलाधिकारियों को लिखित शिकायत भी दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। संबंधित सिचाई विभाग एक्सपर्ट बुलाने के नाम पर क्षेत्र के लोगों को पिछले छह साल से कोरे आश्वासन दे रहा है। संबंधित विभाग व प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कोई बड़ी जन-धन की हानि हुई तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इधर सभासद सुरेंद्र कुमार ने आशंका जताई है कि बोल्डर गिरने से यह पहाड़ी अतिसंवेदनशील बन गई है। उन्होंने बरसात शुरू होने से पहले सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग की है। अधिवक्ता प्रदीप परगाई ने कहा कि बलियानाला उपचार के दौरान यहां कार्यदायी कम्पनी द्वारा ड्रिलिंग की गई, जिससे चट्टान दरक गई। उन्होंने जल्द ही सुरक्षात्मक कार्य करने.की मांग की है।






































