उत्तराखण्ड
हल्द्वानी के रामलीला मैदान का शुद्धिकरण मामले में सोमवार को होने वाली सुनवाई पर देश की नजर हाईकोर्ट पर टिकी
सीएन, हल्द्वानी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ का मामला अब उत्तराखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस प्रोफाइल मामले की सुनवाई आगामी 7 सितंबर सोमवार को होनी है। इस पर अब पूरे देश की नजर टिकी है। मालूम हो कि देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ ने इस प्रकरण को लेकर जनहित याचिका दायर की है। मामले में आगामी 7 सितंबर को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जनसभा के बाद सार्वजनिक स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ गंगाजल का छिड़काव कर कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई है कि इस तरह की गतिविधियों से समाज में वैमनस्य और आपसी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद अलग-अलग पक्षों की ओर से विभिन्न दावे और धार्मिक बयान सामने आए थे। मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हुई थी। कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे जाने की बात भी सामने आई थी। जनहित याचिका में न्यायालय से मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की मांग की गई है। इनमें घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग, क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य संभावित साक्ष्य शामिल हैं। याचिकाकर्ता ने प्रदेश सरकार को मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया है। इसके अलावा, सूचना के अधिकार के तहत घटना से संबंधित जानकारियां मांगे जाने का भी उल्लेख याचिका में किया गया है। अब इस मामले में सभी की नजरें उत्तराखंड हाईकोर्ट की संभावित सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत के समक्ष रखे जाने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।






















































